जालोर की सड़कों पर उमड़ा जन सैलाब, पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल भी पहुंचे, DG से की वार्ता।
जालोर। जालोर के मांडोली गांव के गणपत सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में करीब डेढ़ साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहने से क्षेत्र में आक्रोश चरम पर है। न्याय की मांग को लेकर मृतक की 80 वर्षीय बुजुर्ग मां और पत्नी पिछले कई दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठी हैं। आज इस आंदोलन को उस समय बड़ी ताकत मिली जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, सांचौर भाजपा नेता राम सिंह चारनीम और पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी।
प्रमुख मुद्दे और विधायक भाटी के कड़े तेवर
वीडियो में रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं:
- संवेदनहीनता का आरोप: भाटी ने कहा कि जहां एक ओर 80 साल की बुजुर्ग मां और एक छोटा बच्चा (मृतक का पुत्र) 17-18 दिनों से भूखे-प्यासे न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं राज्य सरकार 30 मार्च को ‘राजस्थान दिवस’ के उपलक्ष्य में जालोर में जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इसे प्रशासन की चरम संवेदनहीनता बताया।

- एसपी और कलेक्टर को सीधी चेतावनी: विधायक ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन (SP और कलेक्टर) की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे धरने पर बैठे लोगों से संवाद करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो वे कानून व्यवस्था (Law & Order) को भंग करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
- टेक्नोलॉजी के दौर में विफलता: भाटी ने सवाल उठाया कि आज के तकनीकी युग में भी डेढ़ साल बाद पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं? क्या प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है या उनकी क्षमता में कमी है?
- जालोर चक्का जाम का ऐलान: उन्होंने कहा कि अगर परिवार का आदेश हुआ, तो पूरा जालोर चक्का जाम किया जाएगा और ऐसा इतिहास रचा जाएगा जो जालोर ने कभी नहीं देखा होगा।
क्या है मांडोली प्रकरण? (Background)
गणपत सिंह मांडोली की हत्या के मामले में परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को पकड़ने में ढिलाई बरत रही है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा पूर्व में दी गई समय सीमा (Time Limit) समाप्त होने के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। इसी के विरोध में परिवार ‘आर-पार’ की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरा है।
सर्किल न्यूज़ नेटवर्क की विशेष पड़ताल
- पुलिस की विफलता: जालोर पुलिस की विशेष टीम इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने में नाकाम रही है, जिससे स्थानीय जनता का विश्वास कानून से उठता जा रहा है।
- राजनीतिक दबाव: मामले में अब प्रदेश स्तर के नेताओं की एंट्री से सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
- भावुक क्षण: वीडियो में देखा गया कि बुजुर्ग मां न्याय की भीख मांगते हुए विधायक के सामने रो पड़ीं, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।



