–रेलमंत्री ने लिया रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का जायजा
–स्थानीय कला,संस्कृति और विरासत के संरक्षण से होगा पुनर्विकास
–द्वितीय प्रवेश द्वार को आकर्षक और सुविधाओं से सुसज्जित बनाने के निर्देश
जोधपुर,5 मई। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश के ऐतिहासिक रेलवे स्टेशनों में शुमार जोधपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास सूर्यनगरी की समृद्ध विरासत का संरक्षण करते हुए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी पुनर्विकास के पश्चात जोधपुर भव्य रेलवे स्टेशन बन जायेगा तथा यहां आने वाले प्रत्येक यात्री को एयरपोर्ट जैसी विश्व स्तरीय आधुनिक सुविधा मिलना प्रारंभ हो जाएगी।

जोधपुर दौरे पर आए रेल मंत्री ने जोधपुर रेलवे स्टेशन के 474 करोड़ रुपए की लागत से कराए जा रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में श्री वैष्णव ने कहा कि जोधपुर रेलवे स्टेशन के सिरे से पुनर्निमाण का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है तथा केंद्र सरकार के इस फैसले से यात्रियों को उच्च स्तरीय सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जोधपुर रेलवे स्टेशन के विकास में दो बड़े उद्देश्य निहित है एक, शहर स्टेशन के दोनों ओर बढ़ गया है उसके हिसाब से इसका द्वितीय प्रवेश द्वार अच्छा व सुविधायुक्त बनाने की जरूरत थी और यह इस पुनर्विकास का एक बहुत महत्वपूर्ण पार्ट है। दूसरा,शहर के बढ़ते यातायात के मद्देनजर यात्रियों की सुविधा हेतु स्टेशन पर प्रवेश के लिए एक एलिवेटेड रोड बनाने का प्लान है जिससे आगन्तुकों को पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी।
रेल मंत्री ने कहा कि इन सब सुविधाओं के साथ ही रेलवे स्टेशन पर एक बहुत अच्छा और सुविधाजनक एयर कोनकोर्स व रूफ प्लाजा का निर्माण भी किया जाएगा जिस पर यात्री आराम से बैठकर अपनी ट्रेनों की प्रतीक्षा कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के 85 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कराया जा रहा है। इस अवसर पर जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने रेल मंत्री को पुनर्विकास से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां मैप के माध्यम से दी। इस अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय और जोधपुर मंडल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी रेलमंत्री के साथ उपस्थित थे।
भगत की कोठी कार्गो टर्मिनल से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन का जिक्र करते हुए कहा कि भगत की कोठी में रेल परियोजनाओं के विस्तार की बहुत जगह और संभावनाएं है और इसके पास विकसित किया जा रहे हैं नए कार्गो टर्मिनल से विशेष कर आसपास के औद्योगिक क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जोधपुर औद्योगिक नगरी है तथा यहां से बहुत उत्पादों का निर्यात होता है, टर्मिनल बनने से सुविधाएं बढ़ेंगी जिससे इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिलेगा।
नई ट्रेनों के संचालन पर बोले रेल मंत्री
जोधपुर से लंबी दूरी की नई ट्रेनों, वंदे भारत और नई रेल लाइनों के सवाल के जवाब में श्री वैष्णव ने जानकारी दी की जोधपुर से ट्रेन के माध्यम से कुछ और शहरों से सीधी कनेक्टिविटी का प्लान है। इसके अतिरिक्त जोधपुर से सिकंदराबाद और अन्य स्टेशनों तक सीधी ट्रेनों के संचालन के प्रस्ताव भी लगातार मिल रहे हैं जिन पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जा रहा है । इसके साथ ही जोधपुर से अन्य शहरों के बीच वंदे भारत ट्रेनों के संचालन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इन सेमी हाई स्पीड ट्रेनों का भी चरणबद्ध तरीके संचालन करने का प्लान है। उन्होंने बताया कि जोधपुर मंडल के लूनी-समदड़ी-भीलड़ी (272 किमी) रेल मार्ग के दोहरीकरण से ट्रेनों का आवागमन अधिक सुगम होगा।

प्रदेश में 44 हजार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाएं प्रगति पर-रेलमंत्री
-क्लीन ट्रेन स्टेशनों का नवाचार,अब 750 स्टेशनों पर होगी ट्रेनों की एयरक्राफ्ट की तर्ज पर सफाई
-सुरक्षित व सस्ती रेल सेवाओं के लिए रेलवे संकल्पबद्ध
जोधपुर,5 मई। रेल सेवाओं के विस्तार और रेलयात्रियों को बेहतर यात्री सुविधा मुहैय्या करवाने के उद्देश्य से राजस्थान में 44 हजार करोड़ रुपए की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
सोमवार को जोधपुर के दौरे पर रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप गरीबों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित व सस्ती रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है और उसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं ।
रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए वैष्णव ने बताया कि आज राजस्थान में विभिन्न रेल परियोजनाओं के विकास और उनके क्रियान्वयन हेतु केंद्र सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए का बड़ा रेल बजट स्वीकृत किया है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने विगत 10 वर्षों में 3 हजार 784 किलोमीटर रेल लाइनें है बिछाने के साथ ही विद्युतीकरण का कार्य पूरा करवाया है। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कर उनका नवीनीकरण कराया जा रहा है।
रेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश में तेजी से रेलवे का ढांचागत विकास किया जा रहा है जिसमें 1510 फ्लाई ओवर व अंडरपास का निर्माण, पुष्कर- मेड़ता रोड नई रेल लाइन, अंबाजी से आबूरोड की कनेक्टिविटी तरंगा हिल तक, लूनी- समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग का दोहरीकरण, रींगस- खाटूश्याम जी के बीच 17 किलोमीटर नई रेल लाइन, जयपुर से सवाई माधोपुर 131 किलोमीटर दोहरीकरण, अजमेर से चित्तौड़ तक 171 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण, मावली-देवगढ़ मदारिया स्टेशनों के बीच गेज परिवर्तन, रास से मेड़ता तक नई रेल लाइन का निर्माण, रामगंज मंडी-भोपाल, नीमच से बड़ी सादड़ी स्टेशनों के बीच नई रेल लाइन का निर्माण सहित अनेक परियोजनाएं शामिल है।

उन्होंने बताया कि रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर के लिए नई रेल लाइन का केंद्र सरकार से अनुमोदन लिया जाएगा तथा इसके लिए राज्य सरकार से भी कुछ मुद्दों पर बातचीत जारी है।
एयरक्राफ्ट की तर्ज पर होगी अब ट्रेनों में सफाई की व्यवस्था रेल मंत्री श्री वैष्णव ने बताया कि रेलवे स्वच्छता को बढ़ावा देते हुए निरंतर नवाचार करता रहा है। इसके तहत क्लीन ट्रेन स्टेशन का बड़ा विजन रेलवे ने अपनाया है । चुनिंदा क्लीन ट्रेन स्टेशन में ट्रेनों की मेजर क्लीनिंग की जा रही है और देश में अभी ऐसे 350 रेलवे स्टेशन है तथा यह संख्या बढ़ाकर अब 750 की जा रही है।
उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर जिस तरह से एयरक्राफ्ट की क्लीनिंग होती है वैसे ही इन स्टेशनों पर ट्रेनों की सफाई की जाएगी जो अपने आप में एक अद्भुत और नवाचार है।

ट्रेनों में 12 हजार जनरल कोच जोड़े गए
रेल मंत्री ने बताया कि कोरोना काल के बाद रेल सेवाओं को फिर से सुविधा युक्त बनाने हेतु विभिन्न ट्रेनों में 12 हजार जनरल कोच जोड़े गए हैं जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों की सुविधा में बहुत वृद्धि हुई है। इसके अलावा ग्रीष्मावकाश को देखते हुए यात्रियों के आवागमन की सुविधा के लिए देश भर में स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।



