"दूसरों को बताने की बजाय स्वयं मार्ग पर चलें": प्रवीण सिंह सुरावा
श्री क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक और समाज को नई दिशा देने वाले युगपुरुष पूज्य तनसिंह जी की पुण्यतिथि पर रानीवाड़ा प्रांत की चारभुजा शाखा (डोरडा) में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
संघ समाज की 'अमूल्य थाती' कार्यक्रम की शुरुआत में डोरडा शाखा प्रमुख गोपाल सिंह डोरडा ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। इसके पश्चात मुकन सिंह चेकला ने पूज्य तनसिंह जी का विस्तृत जीवन परिचय दिया। मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए छैलसिंह उचमत ने कहा कि "श्री क्षत्रिय युवक संघ समाज के लिए एक अमूल्य थाती है। यह संगठन निरंतर समाज में संस्कार निर्माण और चरित्र गठन का कार्य कर रहा है, जो वर्तमान समय की महती आवश्यकता है।"
स्वयं आचरण में लाएं संघ के संस्कार प्रांत प्रमुख प्रवीण सिंह सुरावा ने पूज्य तनसिंह जी की जीवनी और उनके विचार दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "पूज्य तनसिंह जी समाज के लिए एक राजमार्ग (High-way) के रूप में संघ को छोड़कर गए हैं। हमें केवल दूसरों को उपदेश देने के बजाय, स्वयं को संघ के अनुरूप ढालने का प्रयास करना चाहिए। जब हम स्वयं इस मार्ग पर चलना प्रारंभ करेंगे, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन आएगा।"
पाली शिविर की जानकारी व गणमान्य लोगों की उपस्थिति कार्यक्रम के दौरान मण्डल प्रमुख देरावरसिंह उचमत ने पाली में आयोजित होने वाले आगामी आईटीसी (ITC) शिविर के बारे में विस्तृत जानकारी दी और अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ठा. हितेंद्र सिंह, गोविन्दपालसिंह गजापुरा, दुर्जनसिंह कलापुरा, समुन्द्रसिंह, लक्ष्मण सिंह जाविया, शैलेन्द्र सिंह उथमण, पुष्पेन्द्र सिंह, जालमसिंह डोरडा सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गाँव के समाज बन्धु और मातृशक्ति ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। मंच का कुशल संचालन राणसिंह उचमत द्वारा किया गया।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां