स्थान: जिला जालोर, राजस्थान
समिति अध्यक्ष: ज्ञानचंद्र यादव, जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी), जालोर
समिति सदस्य: मोटाराम गोदारा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडीएसपी), जालोर
सहयोगी अधिकारी: उदयपाल गोदारा, पुलिस निरीक्षक (अपराध सहायक)
घटना का विवरण
जिला जालोर के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट) के तहत जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत थानों के पेंडिंग मालखाना में रखे गए कुल 25 प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों का निस्तारण किया गया।

कार्यवाही की प्रक्रिया
- इन्वेंट्री:
माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार जब्त माल की इन्वेंट्री करवाई गई। - समिति की बैठक:
जिला पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में जिला औषधि व्ययन समिति की बैठक हुई, जिसमें एडीएसपी व अपराध सहायक भी उपस्थित रहे। - निस्तारण स्थल:
गांव आडवाडा में स्थित फायरिंग बट पर जब्त मादक पदार्थों का निस्तारण किया गया। - उपस्थिति:
थानों के मालखाना प्रभारी व संबंधित थानाधिकारी भी निस्तारण के दौरान मौजूद रहे।
निस्तारित मादक पदार्थों की सूची
- डोडा पोस्ट:
वजन - 54 क्विंटल 59 किलो 543 ग्राम - स्मैक:
वजन - 1 किलो 27 ग्राम 8 मिलीग्राम - एमडी (मेथिलेंडायोक्सीमेथाम्फेटामाइन):
वजन - 629 ग्राम - गांजा:
वजन - 2 किलो 75 ग्राम - अफीम के पौधे:
संख्या - 1080 नग - नशीली टेबलेट्स:
संख्या - 45,740 नग
कानूनी प्रावधान
- एनडीपीएस एक्ट:
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 के तहत मादक पदार्थों की जब्ती, इन्वेंट्री व निस्तारण की कार्यवाही की गई। - धारा 52ए:
इस धारा के तहत जब्त माल की इन्वेंट्री व निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस प्रशासन का बयान
जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद्र यादव ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इस बार 25 प्रकरणों में जब्त माल का निस्तारण कर दिया गया है, जिससे मालखाना पेंडिंग केसों से मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ जिला पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा।







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