बदहाली से जूझ रहे कृषि छात्रों ने विधानसभा मुख्य सचेतक को घेरा, कॉलेज को यूनिवर्सिटी के अधीन करने की उठी पुरजोर मांग
सर्किल न्यूज नेटवर्क
जालोर। राजकीय कृषि महाविद्यालय, केशवणा (जालोर) के कृषि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान छात्रों ने कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और विशेष चर्चा की।

समस्याओं का अंबार, छात्र परेशान
छात्र प्रतिनिधियों ने विधायक को बताया कि कॉलेज वर्तमान में गंभीर प्रशासनिक और शैक्षणिक चुनौतियों से जूझ रहा है। वार्ता के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए गए:
- स्थाई भवन की मांग: कॉलेज को जल्द से जल्द उसके स्थाई भवन में स्थानांतरित किया जाए।
- प्रयोगशालाओं की बदहाली: लैब में आधुनिक उपकरणों का भारी अभाव है, जिससे प्रैक्टिकल कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- पुस्तकालय व छात्रावास: लाइब्रेरी में नई तकनीकी किताबों की अनुपलब्धता है और हॉस्टल की स्थिति बेहद खस्ताहाल है।
कृषि विश्वविद्यालय के अधीन करने की पुरजोर मांग
छात्रों ने विधायक के सामने विशेष रूप से मांग रखी कि इस महाविद्यालय को सीधे कृषि विश्वविद्यालय के अधीन (संघटक) किया जाए। छात्रों का कहना है कि स्वायत्त न होने के कारण व्यवस्थाएं पटरी से उतरी हुई हैं। विश्वविद्यालय के अधीन आने से कॉलेज को बेहतर शोध सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समय पर परीक्षा परिणाम और प्लेसमेंट में सीधे मदद मिल सकेगी।
विधायक ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
विधायक जोगेश्वर गर्ग ने छात्रों की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने मौके पर ही उच्च अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और छात्रों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को लेकर राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मजबूती से पैरवी करेंगे। उन्होंने कॉलेज के उन्नयन और विश्वविद्यालय के अधीन करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिलाया।
इस मुलाकात के दौरान भारतीय कृषि छात्र यूनियन के प्रदेश महासचिव विरेंद्र सारण, महाविद्यालय सचिव अशोक राजपुरोहित, विरेंद्र चरण और छात्र रोशन यादव सहित कई गणमान्य छात्र उपस्थित रहे।



