बिना स्पीड ब्रेकर फर्राटा भर रहे बेकाबू वाहन, रामदेवरा-सुन्धा माता जातरुओं व ग्रामीणों की जान सांसत में प्रशासन ने जल्द नहीं सुध ली तो कभी भी खून से लाल हो सकती है सड़क; ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
बड़गांव। क्षेत्र के रूपावटी खुर्द चाररास्ता बस स्टैंड इन दिनों प्रशासनिक अनदेखी और पीडब्ल्यूडी (सार्वजनिक निर्माण विभाग) के नकारापन के चलते ‘एक्सीडेंट जोन’ में तब्दील हो चुका है। व्यस्ततम चौराहा होने के बावजूद यहां गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) नदारद हैं, जिसके कारण दिन-रात अंधाधुंध रफ्तार से दौड़ते भारी व हल्के वाहन हर पल काल का ग्रास बनने को आतुर दिखते हैं। विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि दर्जनों शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदकर किसी बड़े खूनी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।

सेवानिवृत्त प्रिंसिपल पीरा राम सोलंकी ने पीडब्ल्यूडी और स्थानीय प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए बताया कि रूपावती खुर्द चाररास्ता बेहद संवेदनशील बिंदु है। वर्तमान में रामदेवरा व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सुन्धा माता जाने वाले पैदल जातरुओं का भारी सैलाब इसी मार्ग से गुजर रहा है। इसके अलावा चौराहे के दोनों तरफ दुकानें होने से स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं व बच्चों का लगातार आवागमन रहता है। मुख्य सड़क पर एक भी गति अवरोधक नहीं होने से तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहन पैदल यात्रियों और खरीदारी करने आए लोगों के बेहद करीब से गुजरते हैं। जरा-सी चूक यहां सामूहिक जनहानि का सबब बन सकती है।
हादसे के बाद ही जागेगा अंधा विभाग?
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और रखरखाव के नाम पर बजट डकारने वाला लोक निर्माण विभाग जनता की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। कई बार मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराने के बाद भी आज तक यहां स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए।
सीधे अल्टीमेटम: ‘हादसा हुआ तो विभाग पर दर्ज कराएंगे मुकदमा’
क्षेत्रवासियों ने चेताया है कि यदि प्रशासन और पीडब्ल्यूडी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए रूपावती खुर्द चौराहे पर मानक के अनुरूप गति अवरोधक जम्प का निर्माण नहीं कराया, तो ग्रामीण चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। भविष्य में यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी पूरी जवाबदेही पीडब्ल्यूडी के लापरवाह अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की होगी।









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