"खड्ग, ज्ञान और सेवा का संगम; जब समाज की प्रतिभाएं अपनी सफलता से इतिहास लिखती हैं, तो पूरा मारवाड़ गौरव से झूम उठता है।"
शौर्य और मेधा का सम्मान: राजपूत छात्रावास में सजा मंच
रानीवाड़ा। मारवाड़ की इस वीर धरा पर आज केवल सूरज नहीं चमका, बल्कि समाज की उन 65 प्रतिभाओं का तेज भी बिखरा जिन्होंने अपनी मेहनत से सफलता के नए सोपान तय किए हैं। रानीवाड़ा स्थित राजपूत छात्रावास में क्षत्रिय समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित 'क्षत्रिय प्रतिभा सम्मान समारोह' एक उत्सव बन गया। यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का वो शिलालेख है, जिसे देखकर हर युवा के भीतर कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा होगा।

सफलता के 65 सितारे: शिक्षा से लेकर खेल और सरकारी सेवा तक दबदबा
क्षत्रिय कल्याण संस्थान रानीवाड़ा के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह कागमाला ने गर्व के साथ बताया कि वर्ष 2025 में समाज ने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। सम्मान की इस सूची में वो चेहरे शामिल थे जिन्होंने:
- माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षा में कीर्तिमान स्थापित किए।
- उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समाज का गौरव बढ़ाया।
- राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में अपने बाहुबल और कौशल का प्रदर्शन किया।
- सरकारी सेवा में चयनित होकर शासन और प्रशासन में क्षत्रिय धर्म के निर्वहन का संकल्प लिया।

दिग्गजों का जमावड़ा: मंच से गूंजी वीर रस की वाणी
कार्यक्रम में जब समाज के प्रबुद्ध जन और अधिकारी मंच पर आए, तो वातावरण उत्साह से भर गया। वक्ताओं ने अपनी ओजस्वी वाणी से युवाओं के भीतर कर्तव्य बोध की ज्वाला प्रज्वलित की। संबोधित करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल रहे:
- डॉ. हितेंद्र सिंह चौहान झाब, कोमल देवड़ा रतनपुर, महिपाल सिंह धामसीन और लक्ष्मण सिंह रतनपुर।
- प्रशासनिक अधिकारियों में खंगारसिंह चौहान (ACBO), मोहर कंवर (जिला परिवीक्षा अधिकारी जालौर) और भवानी सिंह इंदा (DySP रानीवाड़ा) ने सफलता के मंत्र साझा किए।
- राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से अर्जुन सिंह देवड़ा (पूर्व मंत्री), नारायण सिंह देवल (पूर्व विधायक), हिम्मत सिंह सोलंकी, राव मोहन सिंह चितलवाना, राघवेंद्र सिंह देवड़ा एवं छैल सिंह रतनपुर ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

भामाशाहों का वंदन और उपस्थित जनसमूह
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए समाज के सैकड़ों बंधु एकत्रित हुए। कार्यक्रम में रावत मानवेंद्र देव देवड़ा (बड़गांव), ठाकुर गजेन्द्र सिंह मालवाड़ा, डॉ. गजेन्द्र सिंह देवल (पूर्व CMHO), हनवन्त सिंह देवड़ा (तहसीलदार) और छत्तर सिंह देवड़ा (CI रानीवाड़ा) जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विशेष रूप से, समाज के उन भामाशाहों का भी मुख्य अतिथि के हाथों सम्मान किया गया, जिन्होंने अपनी उदारता से इस आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन रेवत सिंह जाखड़ी ने किया।
यह समारोह सिद्ध करता है कि क्षत्रिय समाज आज तलवार के साथ-साथ 'कलम' और 'कौशल' के दम पर भी राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। रानीवाड़ा की यह धरा आज इन 65 सितारों की चमक से देदीप्यमान है।








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