रानीवाड़ा (जालौर)। समाज की प्रगति के लिए जब 'स्व' से ऊपर 'संगठन' की भावना जागृत होती है, तो निर्णय सर्वसम्मति से होते हैं। कुछ ऐसा ही सकारात्मक नजारा रविवार को राजपूत छात्रावास रानीवाड़ा में देखने को मिला, जहाँ क्षत्रिय कर्मचारी कल्याण समिति के सत्र 2026-27 के चुनाव पूरी तरह निर्विरोध संपन्न हुए। इस दौरान समाज के कर्मठ व्यक्तित्व माधु सिंह रतनपुर (देवड़ा) को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।
निर्विरोध चुनाव: समाज में एकता और विश्वास का प्रतीक
चुनाव अधिकारी महिपाल सिंह चौहान एवं पर्यवेक्षक गणपत सिंह पूर की देखरेख में हुई इस चुनावी प्रक्रिया ने एक बड़ा संदेश दिया है। किसी भी पद के लिए खींचतान न होना यह दर्शाता है कि कर्मचारी संगठन अपनी एकता और सामूहिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। माधु सिंह देवड़ा के अध्यक्ष बनने पर सभी ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में कर्मचारियों के हितों और सामाजिक सरोकारों को नई गति मिलेगी।

नई कार्यकारिणी का गठन: अनुभवी और युवाओं का संगम
माधु सिंह देवड़ा की अध्यक्षता वाली इस टीम में समाज के अनुभवी और ऊर्जावान चेहरों को जगह दी गई है:
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष: कालू सिंह रानीवाड़ा
- उपाध्यक्ष: उम्मेद सिंह डूंगरी एवं अंजलि राठौर
- सचिव: सूरजपाल सिंह सेवाड़ा
- कोषाध्यक्ष: नितेंद्र पाल सिंह जाखड़ी
- संरक्षक: छैल सिंह रतनपुर
इसके साथ ही स्वरूप सिंह (सहसचिव), परबत सिंह (संगठन मंत्री), मानसिंह व महिपाल सिंह (सह संगठन मंत्री), रेवत सिंह व सुखदेव सिंह (मीडिया प्रवक्ता) और दीप सिंह व मोहब्बत सिंह को जिला प्रतिनिधि के रूप में चुना गया।
शिक्षित और सशक्त समाज के लिए संकल्प
नवनियुक्त अध्यक्ष माधु सिंह देवड़ा ने अपनी जिम्मेदारी संभालते हुए कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के कल्याण के साथ-साथ समाज के युवाओं को शिक्षा और करियर के प्रति प्रेरित करना होगा। इस अवसर पर नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों सहित गणपत सिंह रतनपुर, प्रवीण सिंह सुरावा, मनोहर सिंह बस्तवा,जितेंद्र सिंह मूली, छोटू सिंह जड़िया, उम्मेद सिंह जाखड़ी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रेरणा का संदेश
रानीवाड़ा की इस समिति ने यह साबित कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और लक्ष्य समाज सेवा हो, तो चुनाव केवल एक औपचारिकता रह जाते हैं। निर्विरोध चयन आपसी भाईचारे की वह मजबूत नींव है, जिस पर एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।







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