रानीवाड़ा | उपखंड मुख्यालय स्थित श्रीमती ज्योतिबेन अगरचन्द कलाजी जैन आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 'अभ्युदय 2026' सोमवार की रात एक यादगार उत्सव में तब्दील हो गया। बिजली बोर्ड के सामने स्थित प्राथमिक शाला परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे कलाकारों ने आधुनिकता के दौर में सादगी और प्रतिभा का वो संगम पेश किया, जिसने हर देखने वाले को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य आकर्षण: बिना रिकॉर्डिंग के गूंजे लोकगीत और देशभक्ति के तराने
आज के डिजिटल युग में जहाँ हर कार्यक्रम 'ट्रैक' और 'रिकॉर्डिंग' पर निर्भर होता है, वहीं 'अभ्युदय' में एक बेहद सराहनीय और अनोखा नवाचार (Innovation) देखने को मिला। विद्यालय की नन्ही-मुन्नी बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान किसी भी रिकॉर्डेड गीत का सहारा नहीं लिया।
"छात्राओं ने खुद अपनी सुरीली आवाज में गीत गाए और उन्हीं धुनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। देशभक्ति से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों में जोश भर दिया और यह साबित किया कि जीवंत कला ही वास्तविक संस्कार है।"

दिग्गजों का सानिध्य: शिक्षा और संस्कारों पर जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि वे पूर्व में संस्थान की सहायता दे चुके हैं और भविष्य में भी सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे। उन्होंने बच्चों के जीवन में '20 संस्कारों' की महत्ता पर विशेष बल दिया।
- मुख्य वक्ता दिनेश चंद्र गौड़ (जिला सचिव, आदर्श शिक्षण संस्थान): उन्होंने जिले में विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालयों की कार्यप्रणाली और उनके शैक्षणिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
- प्रताप जी भाई साहब (जिला सरकार्यवाहक): उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ 'शिशु व संस्कार' के समन्वय को राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य बताया।
- अध्यक्षता: कार्यक्रम की गरिमा जिला सरकार्यवाहक प्रताप जी भाई साहब और संस्थान के अध्यक्ष अमृत कुमार चौधरी (जाखड़ी) की उपस्थिति में और बढ़ गई।

उपस्थित प्रबुद्ध जन और संचालन
इस भव्य आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में जयंतीलाल पुरोहित (गणगौर स्वीट्स), भीमाराम चौधरी, जेठाराम JK पुरोहित, तोलाराम घांची, फौजसिंह डाबी, आसूराम जाखड़ी, लच्छाराम पुरोहित गोलवाडा और जितेंद्र कुमार दर्जी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। साथ ही पूर्व सरपंच रिडमल सिंह डाबी, समाजसेवी छैल सिंह सोलंकी, हरीश कुमार, कैलाश माहेश्वरी और एडवोकेट मोहनलाल बिश्नेनोई भी कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम का सफल और ओजस्वी संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य विष्णु दान चारण द्वारा किया गया। देर रात तक चले इस समारोह में बच्चों की प्रतिभा को देख अभिभावकों की आंखें गर्व से नम हो गईं।







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