दासपां | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दासपां के श्री चामुंडा माता मंदिर परिसर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ऐतिहासिक रहा। भगवा ध्वज के साए में आयोजित इस महाकुंभ में दासपां, कोरा, नवापुरा और रुचियार सहित आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में पुरुषों और मातृशक्ति ने हिस्सा लिया।

आदर्श परिवार ही संगठन की शक्ति: केशर सिंह राठौड़
सम्मेलन के मुख्य वक्ता, संस्कृत भारती के प्रांत सहमंत्री एवं संघ विचारक केशर सिंह राठौड़ ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में हिंदू समाज का संगठित होना अनिवार्य है। उन्होंने गिरते संयुक्त परिवारों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
”समाज की सबसे मजबूत इकाई ‘आदर्श हिंदू परिवार’ है। कुटुंब प्रबोधन के जरिए हमें परिवारों को जोड़ना होगा, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा।”
षड्यंत्रों के खिलाफ सजग रहने का आह्वान
संस्कृति संरक्षण संस्थान के संयोजक इन्द्र सिंह ने लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी चुनौतियों पर प्रहार करते हुए पंच परिवर्तन (पर्यावरण, सद्भाव, स्व-आधारित जीवन और नागरिक कर्तव्य) को जीवन में उतारने का संकल्प दिलाया। वहीं, मल्केश्वर मठ के महंत तीर्थगिरी महाराज ने संघ के 100 वर्षों के संघर्षमयी सफर और राष्ट्र सेवा के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भरा जोश
कार्यक्रम में नन्हीं प्रतिभाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया:
- निकिता रावल: देशभक्ति गीत से ओतप्रोत किया।
- विनीता माली (12वीं छात्रा): नारी शक्ति पर जोशीला उद्बोधन देकर पांडाल में जोश भर दिया।
- मदन लाल जीनगर व निकिता सुथार: भजनों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बनाया।

इन संतों और गणमान्य जनों की रही उपस्थिति
सम्मेलन में किशनदास जी महाराज (महंत, ठाकुर दुवारा), चेतनगिरी जी महाराज और ठाकुर अमर सिंह कोड़ी का सानिध्य मिला। जिला प्रचारक बाबूलाल, जिला सह कार्यवाह राजेश कुमार, विभाग सेवा प्रमुख भूपेंद्र कुमार सोलंकी सहित सरपंच वीरेंद्र सिंह, खेमराज देसाई और संयोजक श्रवण सिंह राठौड़ जैसे कई पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मंच संचालन राकेश कुमावत ने किया।

सम्मेलन के समापन पर संतों की मौजूदगी में भारत माता की महाआरती की गई, जिसके पश्चात हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।



