जयपुर @ सर्कल न्यूज। सहकारिता विभाग ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन को सुगम बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण शिथिलता प्रदान की है। अब नई समितियों के गठन के लिए आवश्यक सदस्य संख्या और हिस्सा राशि के मानदंडों में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। नए नियमों के तहत, सिर्फ 150 सदस्यों की आवश्यकता होगी और 1.50 लाख रुपये की हिस्सा राशि जमा करवा कर सहकारी समिति का गठन किया जा सकता है।
सोमवार को शासन सचिव मंजू राजपाल ने इस संबंध में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना को और अधिक प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सदस्य संख्या और न्यूनतम हिस्सा राशि में शिथिलता की गई है।
मंजू राजपाल ने आगे कहा कि यह कदम ग्रामीण विकास और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे स्थानीय निवासियों को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा और उनके आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी। इस कदम से सहकारिता क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार होगा, जिससे ग्रामीण विकास की गति को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।







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