जालोर जिला प्रशासन ने किसानों की भूमि की रजिस्ट्री और इन्तकाल दर्ज करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब ग्राम सेवा सहकारी समितियों से बकाया ऋण नहीं होने का प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
जालोर केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक द्वारा इस मामले पर ध्यान दिलाया गया कि जिले में कई किसान अल्पकालीन फसली ऋण और पशुपालन हेतु कार्यशील पूंजी ऋण ले रहे हैं, लेकिन कुछ ऋणी सदस्य बिना ऋण चुकाए अपनी कृषि भूमि बेच देते हैं या उनकी मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारियों द्वारा रजिस्ट्री और इन्तकाल दर्ज करवा लिया जाता है। इससे सहकारी समितियों द्वारा दिए गए ऋण की वसूली में कठिनाई आती है।
इस समस्या को देखते हुए जिला कलेक्टर, जालोर प्रदीप गावंडे ने निर्देश जारी किया है कि किसी भी कृषि भूमि की रजिस्ट्री और इन्तकाल दर्ज करने से पहले संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति से बकाया ऋण न होने का प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया जाए।
यह निर्णय सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और ऋण वसूली को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन करें और आगे की कार्यवाही इसी आधार पर सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सहकारी समितियों को उनके ऋण की वसूली में मदद मिलेगी और किसानों की वित्तीय जिम्मेदारी को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह नया नियम प्रभावी हो गया है और संबंधित विभागों को इसके पालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है।







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