शुरुआत में अच्छी थी फसल, पर बारिश न होने से अकाल जैसे हालात; मुआवजा और फसल बीमा नहीं मिलने पर आर-पार के आंदोलन की चेतावनी
रानीवाड़ा (विशेष प्रतिनिधि)। क्षेत्र में इस बार खरीफ की फसलों पर कुदरत का कहर बुरी तरह टूटा है। शुरुआत में अच्छी बारिश के चलते किसानों ने बड़े चाव और उम्मीदों के साथ खेतों में बीज बोए थे, लेकिन इसके बाद पूरे सावन के महीने में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। लंबे समय तक चले सूखे और प्रतिकूल मौसम के कारण चारा, अनाज और किसानों की सबसे प्रमुख नकदी फसल मूंगफली पूरी तरह सूखकर नष्ट हो चुकी है। अब यदि इस मौसम में बारिश होती भी है, तो उसका इन सूखी फसलों को कोई फायदा मिलने वाला नहीं है। रानीवाड़ा क्षेत्र पूरी तरह अकाल की चपेट में आ चुका है।
इसी गंभीर संकट और खरीफ फसलों के भारी नुकसान को लेकर मंगलवार को तहसील रानीवाड़ा के आपेश्वर महादेव मंदिर, सेवाड़िया के प्रांगण में भारतीय किसान संघ की एक अति महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्रभर के किसानों की विभिन्न समस्याओं और फसल खराबे की वर्तमान भयावह स्थिति पर विस्तृत व गहन चर्चा की गई।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, आर-पार की चेतावनी
बैठक के पश्चात भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों और सैकड़ों किसानों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) रानीवाड़ा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार, जयपुर के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से पुरजोर मांग की गई कि:
- पूरे रानीवाड़ा क्षेत्र में तत्काल गिरदावरी और सर्वे करवाकर क्षेत्र को 'अकाल' घोषित किया जाए।
- खरीफ फसलों (विशेषकर मूंगफली, चारा व अन्य अनाज) के खराबे का उचित मुआवजा प्रभावित किसानों के खातों में त्वरित जारी किया जाए।
- पीड़ित किसानों को फसल बीमा योजना का अविलंब पूर्ण लाभ प्रदान किया जाए।
संगठन के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने किसानों की इन जायज मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो किसान हित में सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
बैठक एवं ज्ञापन में ये रहे मौजूद
इस दौरान भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सोमाराम चौधरी, तहसील मंत्री प्रभाराम, संभागीय सह-मंत्री हरी सिंह देवल, मकाराम चौधरी, भीख सिंह राजपूत और कबीरराम सहित क्षेत्र के कई प्रमुख किसान व पदाधिकारी उपस्थित रहे।









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