जीएम के आश्वासन के बाद भी नहीं बनी टिकट खिड़की और सब-वे, 12 फीट ऊंचे प्लेटफार्म से कैसे गुजरेंगे बुजुर्ग और दिव्यांग?
मोदरान। समदड़ी-भीलड़ी रेलमार्ग के प्रमुख स्टेशन मोदरान पर इन दिनों रेलवे का दोहरीकरण कार्य यात्रियों के लिए विकास कम और मुसीबत ज्यादा साबित हो रहा है। जब इस कार्य की शुरुआत हुई थी, तब ग्रामीणों के चेहरे पर उम्मीदें थीं, लेकिन अब लापरवाही और अनदेखी के चलते यात्रियों की परेशानियां सातवें आसमान पर पहुंच चुकी हैं। प्लेटफार्म संख्या 1 और 2 को जोड़ने के लिए सुरक्षित सब-वे और आबादी क्षेत्र की ओर नई टिकट खिड़की का वादा अब तक सिर्फ कागजों और आश्वासनों में ही सिमट कर रह गया है।
जीएम का आश्वासन भी साबित हुआ ‘हवाई’
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) अमिताभ ने मोदरान स्टेशन का निरीक्षण किया था, तब उन्होंने खुद ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि यात्रियों की सुविधा के लिए सब-वे और आबादी क्षेत्र की तरफ टिकट खिड़की व आरक्षण केंद्र खोला जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि दोहरीकरण का काम तो रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, मगर यात्रियों की इन मूलभूत मांगों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
आरसीसी दीवार ने बढ़ाई दूरी, जान हथेली पर रख रहे यात्री
वर्तमान में स्टेशन परिसर में मुख्य गेट की ओर आरसीसी दीवार का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस दीवार के कारण आबादी और बाजार क्षेत्र से आने वाले यात्रियों का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। स्थिति इतनी विकट है कि अपनी ट्रेन पकड़ने की जल्दी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर हैं। रेलवे प्रशासन की यह सुस्ती किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है।
भविष्य का संकट: 12 फीट ऊंचा पहाड़ चढ़ने जैसी होगी डगर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि दोहरीकरण के बाद प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़कर लगभग 12 फीट हो जाएगी। जरा सोचिए, यदि अभी सब-वे नहीं बना, तो भविष्य में किसी बुजुर्ग या दिव्यांग के लिए पटरी पार करना तो दूर, प्लेटफार्म बदलना भी एक नामुमकिन टास्क बन जाएगा।
कोई नई ट्रेन नहीं, सिर्फ ‘सुरक्षा’ की है गुहार
ग्रामीणों ने साफ लफ्जों में कहा है कि वे रेलवे से किसी नई ट्रेन की सौगात या अतिरिक्त ठहराव नहीं मांग रहे हैं। उनकी मांग बेहद साधारण और जायज है—यात्रियों की सुरक्षा। दोहरीकरण के काम के साथ ही सब-वे और बाजार की तरफ टिकट काउंटर का काम पूरा किया जाए, ताकि काम खत्म होने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए नासूर न बन जाए।
जिम्मेदारों की आवाज: क्या कहते हैं स्थानीय संगठन?
- सब-वे या फुटओवर ब्रिज का अता-पता नहीं:“अभी तक प्लेटफार्म नंबर 1 से 2 पर आने-जाने के लिए सब-वे अंडरब्रिज या फुटओवर ब्रिज का काम शुरू नहीं किया गया है। हमारी मांग है कि सबसे पहले इस मार्ग को दुरुस्त किया जाए ताकि यात्रियों को जान का जोखिम न उठाना पड़े।” — जगमाल सिंह राजपुरोहित, उपाध्यक्ष, श्री आशापुरी माताजी संघर्ष समिति, मोदरान
- काम से पहले सुरक्षा का इंतजाम जरूरी था:“रेलवे को दोहरीकरण का काम शुरू करने से पहले ही सब-वे अंडरब्रिज का निर्माण करना चाहिए था। व्यवस्था उल्टी चल रही है, जिससे यात्रियों को रोजाना भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।” — हिरा चंद भंडारी, अध्यक्ष, यात्री गाड़ी संघर्ष समिति, जालोर
- अमृत भारत योजना में शामिल हो मोदरान:“मोदरान स्टेशन के पास प्रसिद्ध श्री आशापुरी माताजी मंदिर सहित कई धार्मिक स्थल हैं। वर्तमान में आबादी क्षेत्र को छोड़कर उल्टी दिशा में स्टेशन बिल्डिंग बनाई जा रही है, जो बिल्कुल गलत है। इस स्टेशन को तुरंत ‘अमृत भारत योजना’ में शामिल कर आबादी क्षेत्र की तरफ ही प्लेटफार्म और स्टेशन भवन का पुनर्विकास किया जाना चाहिए।” — रतन सिंह सोढा, अध्यक्ष, श्री आशापुरी माताजी संघर्ष समिति, मोदरान (जालोर)



