पैसेंजर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र; प्रवासी भाईयों की तकलीफों को दूर करने और नई रेल सेवाएं शुरू करने का आग्रह
जालोर | सर्कल न्यूज़ नेटवर्क
जालोर-सिरोही जिले की जनता द्वारा लगातार चार बार भाजपा को जनादेश देने के बावजूद रेल सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों और प्रवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। पैसेंजर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति, जालोर (समदडी-भीलडी रेल खण्ड) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को "मेरे मन की बात" शीर्षक से पत्र लिखकर जिले की रेल समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है।
समिति के अध्यक्ष हीराचन्द भण्डारी ने पत्र में बताया कि जालोर जिला सूखाग्रस्त क्षेत्र होने और रोजगार के सीमित साधनों के कारण यहाँ की अधिकांश जनता व्यापार के लिए दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में बसी हुई है। प्रवासी भाईयों, महिलाओं और बच्चों को अपने घर आने-जाने के लिए सीधी ट्रेनें न होने से काफी परेशानी उठानी पडती है। वर्तमान में ट्रेनों में भारी भीड़ के कारण टिकट मिलना भी दूभर हो गया है।

समिति ने प्रमुखता से रखी ये पांच मांगें:
- दक्षिण भारत कनेक्टिविटी: बाडमेर/भगत की कोठी से कन्याकुमारी, विशाखापट्टनम वाया सिकन्दराबाद, मैसूर और कोयम्बटूर तक प्रतिदिन सुपरफास्ट ट्रेनें संचालित की जाएं।
- अहमदाबाद रूट: बाडमेर से अहमदाबाद तक पैसेंजर ट्रेन का संचालन दोपहर के समय किया जाए।
- उत्तर भारत जुड़ाव: भुज से भीलडी होते हुए जयपुर, दिल्ली और हरिद्वार तक प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस चलाई जाए।
- कोलकाता रूट: भुज से कोलकाता के लिए दैनिक सुपरफास्ट ट्रेन शुरू हो।
- समर स्पेशल: गर्मी की छुट्टियों में बाडमेर/जोधपुर से समदडी-भीलडी होकर विशेष ट्रेनें चलाई जाएं।
भण्डारी ने विश्वास जताया कि यदि इन मार्गों पर ट्रेनें शुरू की जाती हैं, तो रेलवे को भारी राजस्व प्राप्त होगा और कोई भी ट्रेन खाली नहीं जाएगी। पत्र की प्रतियां रेल मंत्री, रेल महाप्रबंधक और जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई हैं।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां