शिक्षा अधिकारी ने सराहा: शिक्षक रणछोड़ाराम पुरोहित ने पेश की सेवा की मिसाल, परिवार सहित हुए सम्मानित
रानीवाड़ा | "विद्या दान के साथ-साथ जल सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है।" इसी सेवा भावना को चरितार्थ करते हुए स्थानीय राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रानीवाड़ा कला में एक भव्य और आधुनिक प्याऊ का निर्माण करवाया गया है। खास बात यह है कि इस प्याऊ का निर्माण किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि इसी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक और भामाशाह रणछोड़ाराम पुरोहित ने अपने परिवार के सहयोग से करवाया है।
अधिकारियों ने किया विद्यालय का सघन अवलोकन मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) भंवरलाल परमार ने विद्यालय का दौरा कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं और भौतिक संसाधनों का जायजा लिया। इस दौरान नवनिर्मित प्याऊ को देखकर उन्होंने खुशी जाहिर की। उनके साथ अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार माली एवं लेहरी राम माली भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विद्यालय के अनुशासन और विकास कार्यों की सराहना की।
साफा और माला पहनाकर किया 'ममता' का सम्मान प्रधानाचार्य मोहनलाल गोयल ने बताया कि शिक्षक रणछोड़ाराम पुरोहित और उनका परिवार विद्यालय के भौतिक विकास के लिए सदैव तत्पर रहता है। करीब 6 लाख रुपए की लागत से बनी इस सुंदर प्याऊ के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने भामाशाह का साफा पहनाकर और माला अर्पण कर बहुमान किया। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने कहा कि जब शिक्षक स्वयं भामाशाह बनकर आगे आते हैं, तो विद्यालय की तस्वीर बदल जाती है।
बालिकाओं को मिलेगी शीतल जल की सुविधा इस प्याऊ के बनने से विद्यालय की सैंकड़ों बालिकाओं को अब शुद्ध और शीतल पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। विद्यालय स्टाफ ने बताया कि पुरोहित परिवार पूर्व में भी विद्यालय की आवश्यकताओं के लिए सहयोग करता रहा है। इस सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय का समस्त स्टाफ, ग्रामीण और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने भामाशाह के इस पुनीत कार्य की प्रशंसा की।







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