जिला कलक्टर ने औद्योगिक इकाइयों से अधिकतम जल संरक्षण कार्य करवाने का किया आग्रह
जालोर, 14 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के तहत शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सीएसआर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने की।
जिला कलक्टर ने कहा कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा वंदे गंगा अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत सरकारी योजनाओं, जनसहभागिता व कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से जल स्रोतों का पुनरुद्धार, जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, सफाई व पौधारोपण जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से अपील की कि वे जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष सीएसआर के तहत अधिकतम जल संरक्षण के कार्य करवाएं। इनमें स्कूलों में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, एनीकट, रिचार्ज शॉफ्ट, रूपारेल नदी का पुनरुद्धार, जल संरचनाओं की डिसिल्टिंग और हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण शामिल हैं।
डॉ. गावंडे ने जिला उद्योग केंद्र और रीको अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे औद्योगिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्यानुसार पौधारोपण सुनिश्चित करें।
कार्यशाला में उप वन संरक्षक जयदेवसिंह चारण, पीएचईडी के एसई संजय शर्मा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक संग्रामराम देवासी, रीको के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सुभाष गर्ग, एलआईसी, गुजरात गैस लिमिटेड, ग्रेनाइट एसोसिएशन सहित अनेक उद्यमियों, सीएसआर फर्म और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
रविवार को होंगे रचनात्मक आयोजन
15 जून, रविवार को अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा जल एवं पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता हेतु निबंध लेखन, नारा लेखन, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा।
- संवाददाता







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