रेलवे स्टेशन रानीवाड़ा पर जलसेवा ग्रुप एवं माहेश्वरी समाज की सराहनीय पहल
रानीवाड़ा। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आज रानीवाड़ा रेलवे स्टेशन पर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। जलसेवा ग्रुप एवं माहेश्वरी समाज रानीवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में यात्रियों और राहगीरों के लिए शीतल जल एवं शरबत की सेवा व्यवस्था की गई। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि गर्मी के इस तीव्र प्रकोप में इंसानियत और सेवा का कोई विकल्प नहीं होता।
समाज के लोगों ने स्टेशन परिसर में स्टॉल लगाकर आने-जाने वाले हर व्यक्ति को शीतल जल और शरबत उपलब्ध कराया। scorching heat के बीच यह सेवा न केवल तन को राहत देने वाली थी, बल्कि मन को भी शांति देने वाली बन गई। इस आयोजन में समाज के हर वर्ग ने तन-मन-धन से भागीदारी निभाई।

नेतृत्व और समर्पण:
कार्यक्रम का संयोजन माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष दिलीप चांडक ने किया। इस पावन सेवा कार्य में कैलाश जी, नरेश भाई, रमेश जी, बंशीधर जी, युवा जिला सचिव रमेश गीगल, दशरथ शारदा, अनिल शारदा, भरत बाहेती, भरत गीगल, हेमंत गीगल, मुकेश केला, अरविंद गोस्वामी, भाविक महेश्वरी, पिंटू महेश्वरी, देवल राठी, अंकित राठी, दीपक चांडक, पीके सहित जलसेवा ग्रुप के समस्त सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
सेवा धर्म है, दिखा दिया काम से
इस मौके पर सभी उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि सेवा की भावना का जीवंत उदाहरण है। "जल देना केवल प्यास बुझाना नहीं, बल्कि किसी की ज़िंदगी को राहत देना है।" – यही संदेश इस आयोजन से प्रसारित हुआ।
मानवता के मार्ग पर समाज
यह सेवा कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा है कि पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रह जाएं, बल्कि समाज और ज़रूरतमंदों की भलाई में परिवर्तित हो जाएं।
समाजसेवी संस्थाओं और आमजन को भी इस प्रकार की सेवाओं से जुड़ने की प्रेरणा मिली।
एक विचार – कई मुस्कानें
रानीवाड़ा जैसे कस्बों में जब युवाओं और वरिष्ठों का समन्वय एक नेक कार्य के लिए होता है, तो वह सिर्फ एक सेवा नहीं बल्कि समाज के उज्जवल भविष्य की नींव बनता है।
“निर्जला एकादशी के दिन जल पिलाना, पुण्य के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी परिचायक है।”







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