जालोर, (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)। ज़िले के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। ज़िला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे ज़ीर्ण-शीर्ण हो चुकी कक्षाओं को तुरंत चिह्नित कर सील करें। साथ ही, इन कक्षों में विद्यार्थियों को बैठाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजकीय भवनों की यथास्थिति पर समीक्षा बैठक
गुरुवार को कलेक्टरेट सभागार में ज़िला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे की अध्यक्षता में ज़िले के राजकीय भवनों की वर्तमान स्थिति पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में कलक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे सभी सरकारी स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें और जिन कमरों की हालत जर्जर है, उन्हें तुरंत पहचानें। उन्होंने ब्लॉकवार इन कमरों की मरम्मत के लिए मॉडल एस्टीमेट तैयार करने के भी निर्देश दिए।
छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता: बैरिकेड लगाकर करें सील
डॉ. गावंडे ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ज़िले के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने को कहें कि वे किसी भी सूरत में ज़ीर्ण-शीर्ण कमरों में बच्चों को न बैठाएं। इन खतरनाक कमरों को बैरिकेड लगाकर सील किया जाए ताकि कोई अनहोनी न हो। इसके अलावा, स्कूलों की छतों पर बारिश का पानी जमा न हो और जलभराव की स्थिति को भी तुरंत ठीक किया जाए।
अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश
ज़िला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को टीमें बनाने और राजकीय भवनों की लगातार मॉनिटरिंग और सुपरविजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चिह्नित जर्जर भवनों के सामने स्पष्ट सूचना बोर्ड भी लगाए जाएं, जिससे आमजन को चेतावनी मिल सके और किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
इस अवसर पर ज़िला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर राजोरा, मुख्य ज़िला शिक्षा अधिकारी गंगा कलावंत, ज़िला शिक्षाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा मुनेश मीना, सीडीपीओ महेश चावला सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।







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