28 साल पुराने कर्ज से मिली मुक्ति, एकमुश्त समझौते में ₹56 लाख की बंपर छूट
जालोर। राज्य सरकार की महत्त्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 जालोर जिले के एक किसान परिवार के लिए नई सवेरा लेकर आई है। इस योजना के तहत, भूमि विकास बैंक, जालोर की सांचौर शाखा के एक 28 वर्ष पुराने ऋण मामले में ऋणी को ₹56 लाख 85 हजार के अवधिपार ब्याज में बड़ी छूट मिली है।
सांचौर के पुर ग्राम निवासी भीखाराम पुत्र कालूराम विश्नोई पर बैंक की कुल मांग राशि ₹78 लाख 23 हजार बकाया थी। लेकिन राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इस उदार योजना के अंतर्गत, भीखाराम को केवल ₹21 लाख 37 हजार जमा करवाने पड़े। इस समझौते से उन्हें अवधिपार ब्याज में ₹56 लाख 85 हजार की भारी-भरकम छूट प्राप्त हुई। छूट मिलने के साथ ही, उन्हें नो-ड्यूज प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ और उनकी रहन रखी गई भूमि भी मुक्त हो गई।

"योजना से ही चुका पाया पिता का कर्ज"
ऋणी भीखाराम के पुत्र गणपतलाल ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, "इस योजना के कारण ही मैं अपने पिता द्वारा लिया गया पुराना कर्ज चुका पाया हूँ। यह हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत है।" ऋणी भीखाराम विश्नोई ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए बैंक के सभी बकाया ऋणियों से अपील की कि वे इस किसान हितैषी योजना का तुरंत लाभ उठाएँ।
जालोर बैंक ने बनाया नया कीर्तिमान
बैंक के सचिव एवं उप रजिस्ट्रार सुनील वीरभान ने बताया कि मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजनान्तर्गत जालोर बैंक ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बैंक ने 26 सितंबर को संपूर्ण प्रदेश में सर्वाधिक वसूली ₹1 करोड़ 61 लाख करके रिकॉर्ड बनाया है।
वीरभान ने जानकारी दी कि योजना शुरू होने से अब तक जालोर बैंक के 1174 ऋणियों ने ₹6 करोड़ 80 लाख जमा करवाकर ₹13 करोड़ 16 लाख के ब्याज में छूट प्राप्त की है।
उन्होंने सभी बकाया ऋणियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाने का अंतिम अवसर न चूकें, क्योंकि इसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 है। उन्होंने बैंक से संपर्क कर तुरंत बकाया ऋण जमा करवाने का आग्रह किया है।
(प्रेरणादायक खबर: सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)







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