राजपूत, देवासी व लोमी की ढाणी मार्ग पर पसरा करंट का खौफ, कई चक्कर काटने के बाद भी बेपरवाह प्रशासन; ग्रामीणों ने दी आंदोलन व प्रदर्शन की चेतावनी
सर्कल न्यूज नेटवर्क रानीवाड़ा (जालौर)
एक तरफ सरकार जनता को सुरक्षित और निर्बाध बिजली सेवा देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विद्युत निगम के लापरवाह रवैये से धरातल पर आमजन की जान सांसत में फंसी हुई है। रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजपूत की ढाणी, देवासी की ढाणी और लोमी की ढाणी जाने वाले मुख्य रास्ते पर पिछले एक महीने से 11 केवी/घरेलू बिजली का तार जमीन पर गिरा पड़ा है। विभाग की घोर अनदेखी का आलम यह है कि शिकायत के 30 दिन बीत जाने के बाद भी कोई लाइनमैन या अधिकारी मौके की सुध लेने नहीं पहुंचा।
हर पल मंडरा रहा मौत का साया ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता रोजाना सैकड़ों लोगों, स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों और मवेशियों की आवाजाही का मुख्य मार्ग है। खुले में पड़े इस तार से कभी भी कोई बड़ा विद्युत हादसा हो सकता है। बेजुबान पशुओं और राहगीरों के सिर पर हर वक्त करंट की तलवार लटक रही है, लेकिन डिस्काम के जिम्मेदार कान में तेल डालकर बैठे हैं।

दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थके ग्रामीण क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार डिस्कॉम कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के चक्कर काट चुके हैं। लिखित व मौखिक शिकायतों के बावजूद केवल खोखले आश्वासन मिले हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्रशासन किसी बड़ी जनहानि या अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
उग्र आंदोलन और प्रदर्शन का बिगुल फूंका ग्रामीणों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि 24 से 48 घंटे के भीतर गिरे हुए तार को दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति को सुरक्षित नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। इसके विरोध में संपूर्ण क्षेत्र की जनता विद्युत विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लापरवाह डिस्कॉम प्रशासन की होगी।









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