रानीवाड़ा। थाना रानीवाड़ा में गुरुवार को संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने एकजुट होकर उत्तराखंड निवासी हिमांशु जोशी के खिलाफ गंभीर आरोपों वाली रिपोर्ट दर्ज कराई। अनुयायियों का आरोप है कि आरोपी ने सोशल मीडिया, ख़ासकर फेसबुक पर, लगातार संत रामपाल जी महाराज, उनके अनुयायियों और सनातन धर्म के नाम पर अपमानजनक, भड़काऊ और झूठे बयान प्रसारित किए हैं, जिनसे समाज में तनाव और टकराव की स्थिति बन रही है।
शिकायतकर्ता मंछा राम परिहार निवासी रानीवाड़ा कलां ने रिपोर्ट में उल्लेख किया कि हिमांशु जोशी ने फेसबुक लाइव और अन्य वीडियो में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, अनुयायियों को “विधर्मी” कहकर हिंसा के लिए उकसाया और यहां तक कि जान से मारने जैसे बयान दिए। शिकायत के मुताबिक, आरोपी के इन बयानों से जगह-जगह संत रामपाल जी के अनुयायियों पर हमले हो रहे हैं और समाज में वैमनस्य फैलाने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।

अनुयायियों ने बताया कि दिनांक 20 मार्च 2025, 1 अप्रैल 2025 और 9 अप्रैल 2025 को आरोपी ने अपने फेसबुक पेज “Himanshu Joshi” पर कई (https://www.facebook.com/himanshujoshirss/videos/1292254339157801) वीडियो पोस्ट किए, जिनमें संत रामपाल जी महाराज के नाम को तोड़-मरोड़कर उपहासपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया गया। एक वीडियो में तो आरोपी ने कहा—“सनातन को बचाना है तो इसके विरोधियों को खत्म करना पड़ेगा”। अनुयायियों का कहना है कि यह सीधा-सीधा हिंसा के लिए उकसावा है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयानबाज़ी का आरोप
अनुयायियों ने मांग की है कि आरोपी पर कठोर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर तत्काल गिरफ़्तारी की जाए, सोशल मीडिया से सभी आपत्तिजनक पोस्ट हटाई जाएं (https://www.facebook.com/himanshujoshirss/videos/1899483050810988)और भविष्य में ऐसी हरकतों पर रोक लगाई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर किसी अनुयायी, खासकर महिला को कोई हानि पहुँचती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी हिमांशु जोशी की होगी।
शिकायत के साथ आरोपी के सभी आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट की पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी गई है। इस मौके पर मंछा राम परिहार के साथ जोईता राम, वगताराम पुरोहित, जोईताराम चौहान, रमेश कुमार सेन, उत्तमाराम मेघवाल, सांवलाराम जालेरा सहित कई अनुयायी मौजूद रहे।
पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपों की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।







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