बड़गांव से जितेन्द्र सिंह भाटी की विशेष रिपोर्ट
बड़गांव | भक्ति, वैभव और आपसी सौहार्द की त्रिवेणी आज बड़गांव की धरा पर साक्षात नजर आई। भूतेश्वर महादेव एवं ठाकुर जी भगवान के नवनिर्मित मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य कलश यात्रा ने पूरे कस्बे को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। मंदिर प्रांगण से शुरू हुई यह विशाल शोभायात्रा जब मुख्य बाजार और रावत राज मानवेंद्र देव देवड़ा ठिकाना से गुजरी, तो हर तरफ केवल जयघोष और मंगल गीतों की गूंज सुनाई दी।
सांस्कृतिक वैभव और आस्था का संगम
इस शोभायात्रा में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा मेल देखने को मिला। सिर पर मंगल कलश धारण किए हजारों महिलाओं की कतारें और भगवान महादेव की मनमोहक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में शामिल हाथी-घोड़े, ऊंट और सुसज्जित रथों ने राजस्थानी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की झलक पेश की। ढोल-नगाड़ों की थाप और बैंड की धुनों पर थिरकते श्रद्धालु भक्ति के चरम आनंद में डूबे नजर आए।

मुस्लिम समाज ने बिछाए पलक-पांवड़े
आयोजन की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब सामने आई जब मुस्लिम समाज के लोगों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। जेसीबी के माध्यम से की गई पुष्पवर्षा ने न केवल यात्रा की भव्यता बढ़ाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आस्था के मार्ग पर भाईचारा सबसे ऊपर है। पूरा मार्ग फूलों की पंखुड़ियों से पट गया, जिसे देख हर कोई दंग रह गया।

संतों का सानिध्य और प्रशासनिक मुस्तैदी
इस आध्यात्मिक उत्सव में देवड़ा परिवार की गरिमामयी उपस्थिति के साथ-साथ पूज्य संतों का भरपूर आशीर्वाद मिला। रथ में विराजमान महंत लहर भारती, बाईराम कमला भारती महाराज, महंत संतोष गिरी और मधु गिरी महाराज ने भक्तों को दर्शन दिए।
प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, जहां पुलिस ने यातायात संभाला वहीं एंबुलेंस की तैनाती से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहीं। बड़गांव का यह महोत्सव आस्था और एकता का एक ऐसा अध्याय लिख गया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
बड़गांव की धरा आज जयकारों से गूंज उठी है और अवसर है भूतेश्वर महादेव एवं ठाकुर जी भगवान के नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का। सर्कल न्यूज़ नेटवर्क की इस विशेष रिपोर्ट में देखिए किस तरह हजारों की भीड़, हाथी-घोड़े और ऊंटों के साथ निकली इस ऐतिहासिक कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है।
सिर पर कलश लिए महिलाओं का उत्साह और संतों का सानिध्य इस आयोजन को दिव्य बना रहा है, लेकिन सबसे खास रही वो पुष्पवर्षा, जो मुस्लिम समाज के भाइयों ने जेसीबी के जरिए कर भाईचारे की एक नई इबारत लिख दी। प्रशासन की डगर-डगर पर मुस्तैदी और देवड़ा परिवार की मौजूदगी ने इस महोत्सव को और भी भव्य बना दिया है, जिसकी चर्चा अब हर ग्रामीण की जुबां पर है।







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