🗞 जयपुर | जल जीवन मिशन (JJM) में भ्रष्टाचार के आरोप में महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद अब पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
मामला क्या है?
ग्राम सेवा सहकारी समितियों (GSS) में व्यवस्थापकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ। एसीबी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए राज्यपाल से मंजूरी मांगी है।
- प्रदेश में 7000 से अधिक GSS हैं, जिनमें से 1100 में गलत नियुक्ति का मामला सामने आया।
- जिला एवं खंड स्तर की स्क्रीनिंग कमेटियों ने अयोग्य व्यक्तियों को नियुक्त किया।
- सरकार पहले ही विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 17A के तहत जांच की मंजूरी दे चुकी है।
एमडीएम घोटाला: तीन IAS भी जांच के दायरे में
इसी तरह मिड-डे मील (MDM) योजना में भी अनियमितता का मामला सामने आया।
- एसीबी ने तीन IAS अफसरों समेत कई अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने की अनुमति सरकार से मांगी है।
- सहकारी विभाग के अधिकारियों पर विभागीय मंत्री ने मंजूरी दे दी है, लेकिन IAS अफसरों का मामला अभी DOP में लंबित है।
सहकारी समितियों में नियुक्तियों की प्रक्रिया में गड़बड़ी
- 2017 से पहले से कार्यरत सहायक व्यवस्थापक व व्यवस्थापक को नियमित करने का निर्णय लिया गया।
- 2017 के बाद की नियुक्ति सहकारी भर्ती बोर्ड के जरिए करने की नीति बनी।
- स्क्रीनिंग कमेटी में जिला कलेक्टर को प्रशासक के रूप में शामिल नहीं किया गया।
- अंतिम अनुमोदन मुख्यालय (रजिस्ट्रार कार्यालय) के बजाय खंड स्तर पर किया गया।
क्या होगा आगे?
एसीबी की जांच के आधार पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ अनुमोदन दिया गया है। अब फाइल DOP के पास भेजी गई है, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
📌 स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है, आगे की जानकारी जल्द उपलब्ध होगी।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां