प्रभाकर सेवा संस्थान की अनुपम पहल: जालेरा कलां के 465 विद्यार्थियों को वितरित किए पौधे, बोर्ड परीक्षा की मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित
रानीवाड़ा। "पौधे केवल रोपे न जाएं, बल्कि वे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों की सांसें बनें"—इसी पावन और संवेदनशीलता से सरोकार रखते हुए प्रभाकर सेवा संस्थान द्वारा संचालित 'हरियालो रानीवाड़ा अभियान' ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जालेरा कलां में आयोजित भव्य समारोह में जहाँ एक ओर 465 विद्यार्थियों को निःशुल्क फलदार एवं छायादार पौधे बांटकर पर्यावरण चेतना जगाई गई, वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी बेटियों का सम्मान कर उनके हौसलों को नई उड़ान दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांचौर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) प्रकाशचंद्र अग्रवाल तथा अन्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर संस्थान की ओर से सभी अतिथियों का राजस्थानी साफा पहनाकर, तुलसी का पौधा और श्रीमद्भागवत गीता भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया गया।

पर्यावरण और शिक्षा का अनोखा संगम
समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में अतिथियों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके बाद विद्यालय के 465 विद्यार्थियों को पौधों का वितरण किया गया। बच्चों के चेहरों पर प्रकृति से जुड़ने की खुशी साफ झलक रही थी और सभी ने एक स्वर में इन पौधों को सींचकर वटवृक्ष बनाने की जिम्मेदारी लेने का संकल्प दोहराया।

संस्थान ने न केवल पर्यावरण की चिंता की, बल्कि शिक्षा की अलख जगाने वाली गांव की होनहार बेटियों की हौसला अफजाई भी की। कक्षा 8वीं और 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाली छात्राओं को स्कूल बैग एवं पाठ्य सामग्री किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

"हमारा लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से उन्हें सुरक्षित रख हरित और स्वच्छ कल का निर्माण करना है। जब बचपन में प्रकृति और शिक्षा के संस्कार रोपे जाएंगे, तभी समर्थ समाज की नींव मजबूत होगी।"
— अमृत पुरोहित, संस्थापक (प्रभाकर सेवा संस्थान)

अतिथियों के विचार: प्रेरणा और सीख
- प्रशासन और समाज के साझा प्रयास रंग लाते हैं: मुख्य अतिथि सांचौर एडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी मांग है। प्रशासनिक सहयोग और प्रभाकर सेवा संस्थान जैसी संस्थाओं के निष्काम प्रयास मिलकर समाज में बदलाव की नई कहानी लिखते हैं।
- पौधा नहीं, संस्कार रोपें: नवनियुक्त आरएएस डिम्पल कंवर राठौड़ ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल की जिम्मेदारी लेना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।
- संस्कार और सेवा भावना आवश्यक: सीडीपीओ पाली सुरभि चौहान एवं एसीबीईओ रामेश्वरी बिश्नोई ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होना चाहिए।
- स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन: बीसीएमओ डॉ. गणपतलाल चौधरी तथा समाजसेवी श्रीमती स्मिता शर्मा ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण ही हमारे स्वास्थ्य की कुंजी है, और संस्थान का यह प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है।

संकल्प के साथ हुआ समापन
समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य भगीरथ बिश्नोई, विद्यालय स्टाफ, ग्रामवासी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन उपस्थित समस्त जनों द्वारा रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल करने, उन्हें वृक्ष बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां