16 जून को सांचौर में एडीएम कार्यालय के समक्ष जुटेगा किसानों का सैलाब, डेडवा में हुई बैठक में नई कार्यकारिणी गठित
सांचौर। संयुक्त किसान मोर्चा सांचौर द्वारा क्षेत्र के गांवों में किसान जागृति अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत चितलवाना क्षेत्र के डेडवा गांव में किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सरपंच प्रतिनिधि पूनमाराम खीचड़ की अध्यक्षता और संयुक्त किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई के आतिथ्य में संपन्न हुई।
मोर्चा के जिला मंत्री मकाराम चौधरी ने बताया कि किसानों को अपने हक और अधिकारों के लिए सावधान, सचेत और संगठित होकर संघर्ष करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से मोर्चा द्वारा यह जागृति अभियान चलाया जा रहा है।

अन्नदाता झेल रहा है उपेक्षा की मार
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने कहा कि आज का किसान वर्ग अनेकों समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा:
“धरतीपुत्र कभी बकाया आदान अनुदान राशि, कभी फसल बीमा क्लेम, तो कभी नर्मदा नहर की बदहाल स्थिति और प्राकृतिक प्रकोप की मार झेल रहा है। किसानों को उनकी खून-पसीने की फसल का सही भाव नहीं मिल रहा और वे लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं।”
बिश्नोई ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की पुरजोर मांग की, ताकि $C2 + 50\%$ के फार्मूले के तहत किसानों को फसलों के उचित दाम मिल सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक देश में इन समस्याओं का एकमात्र समाधान संगठित होकर संघर्ष करना ही है।
16 जून को सांचौर में विशाल धरना प्रदर्शन
जिला प्रवक्ता लाडूराम भादू ने सांचौर और चितलवाना क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को रेखांकित किया। इनमें शामिल हैं:
- रबी 2022 और खरीफ 2025 की बकाया आदान अनुदान राशि।
- पिछले तीन वर्षों का बकाया फसल बीमा क्लेम।
- प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की बकाया राशि।
- नर्मदा नहर की बदहाल स्थिति, कृषि उपज मंडी, सड़क, बिजली और पानी की समस्या।
इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भादू ने आगामी 16 जून 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) कार्यालय सांचौर के समक्ष होने वाले विशाल धरना प्रदर्शन में शामिल होने का न्यौता दिया।
बीमा कंपनियों की नीतियों में बदलाव की मांग
राजस्थान किसान सभा के जिला अध्यक्ष विरद सिंह चौहान ने जानकारी दी कि फसल बीमा के तहत रिलायंस कंपनी का कार्यकाल पूरा हो चुका है। सरकार अब नई कंपनियों से अनुबंध करने जा रही है। मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि आगामी अनुबंध में फसल बुवाई से लेकर कटाई (निकासी) तक होने वाले नुकसान के आधार पर बीमा क्लेम देने का प्रावधान रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रिलायंस कंपनी द्वारा खड़ी फसलों में नुकसान का प्रावधान न होने से किसानों के साथ घोर अन्याय हुआ है।
टिकेत यूनियन के अध्यक्ष धीमाराम खिलेरी ने भी नर्मदा नहर की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त की। वहीं सरपंच प्रतिनिधि पूनमाराम खीचड़ ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि डेडवा से महज दो किलोमीटर दूर परावा और मालवाड़ा में खरीफ 2025 का खराबा मानकर किसानों को अधिकतम ₹17,000 तक की आदान अनुदान राशि मिली, जबकि डेडवा गांव को इससे वंचित रख दिया गया। इस अन्याय के खिलाफ 16 जून के धरने में डेडवा से 200 किसान भाग लेंगे।
बैठक को किसान सभा सांचौर के अध्यक्ष भाखराराम रावतसर, सेवानिवृत्त व्याख्याता किशनलाल बांगड़वा, रामलाल खीचड़ और व्यवसायी मणीलाल मांझू सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
डेडवा ग्राम इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन
बैठक में सर्वसम्मति से राजस्थान किसान सभा की ग्राम इकाई डेडवा की कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिन्हें विरद सिंह चौहान ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई:
| पद | नाम |
| संरक्षक | पूनमाराम खीचड़ |
| अध्यक्ष | किशनलाल बांगड़वा |
| सचिव | पूनमाराम बांगड़वा |
| उपाध्यक्ष | रामलाल खीचड़, मोहनलाल गुरु |
| सह सचिव | बाबूलाल खीचड़ |
| कोषाध्यक्ष | हेमाराम बांगड़वा |
कार्यकारिणी सदस्य: रायचंद खीचड़, श्रवण पुरोहित, भागीरथ बांगड़वा, किशनाराम खीचड़, लाडूराम, पूनमचंद खीचड़, जालाराम साऊ, पाबूराम बांगड़वा, शैतान सिंह, सोहनलाल और किरताराम।
इस दौरान बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे।



