गुजरात में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में थराद पुलिस ने दूधवा गांव के पास भारतमाला रोड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मिनी ट्रक (GJ27U8767) को रोका। पुलिस को देखते ही ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और जब्त माल
जांच के दौरान ट्रक से 3,072 बीयर टिन बरामद हुए, जिनकी कीमत ₹7,24,992 आंकी गई है। पुलिस ने ट्रक समेत कुल ₹12,24,992 का माल जब्त किया।

शराब तस्करी का नेटवर्क
यह बीयर सांचोर से लाई गई थी, और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन शामिल हैं। ट्रक चालक, मालिक, बीयर का ऑर्डर देने वाले और इसकी सप्लाई करने वाले सभी के खिलाफ प्रोहिबिशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गुजरात में शराबबंदी और तस्करी का बढ़ता खतरा
गुजरात में महात्मा गांधी के आदर्शों के अनुरूप शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान की सीमा से सटे जिलों में शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। बनासकांठा, कच्छ और अहमदाबाद जैसे इलाकों में अक्सर अवैध शराब के बड़े-बड़े जखीरे पकड़े जाते हैं।

पुलिस की सख्ती और तस्करों की नई चालें
पुलिस लगातार शराब तस्करों पर शिकंजा कस रही है, लेकिन तस्कर भी नए-नए तरीके अपनाकर शराब की सप्लाई जारी रखे हुए हैं। कभी चावल से भरे ट्रकों में शराब छिपाई जाती है, तो कभी कारों में छोटे-छोटे बैच में शराब पहुंचाई जाती है।
समाज पर असर और जागरूकता की जरूरत
शराबबंदी कानून का उल्लंघन न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह समाज पर भी गंभीर असर डालता है। अवैध शराब के कारण कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, अपराध दर में वृद्धि और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।



