सांचौर: संयुक्त किसान मोर्चा और श्रमिक संगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सांचौर में किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा। एडीएम कार्यालय के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी तादाद में पहुंचे किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। प्रदर्शन के बाद किसानों ने राव बलूजी सर्किल तक रोष रैली निकाली और राष्ट्रपति तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की।
प्रमुख बिंदु
- राष्ट्रव्यापी हुंकार: स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और किसानों को ₹10000 मासिक पेंशन देने की मांग।
- स्थानीय समस्याएं: फसल बीमा क्लेम, नर्मदा नहर के बचे हुए गांवों को कमाण्ड क्षेत्र से जोड़ने और जल जीवन मिशन की जांच की मांग।
- प्रशासनिक आश्वासन: एडीएम और एसडीएम ने मोर्चे के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का सकारात्मक आश्वासन दिया।

राष्ट्रव्यापी और स्थानीय मांगें
धरने की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्षमंडल—जिसमें वरिंगारार (पूर्व सरपंच), भींयाराम लोल सांकड़, केसर सिंह सरवाना, बाबू सिंह बोरली, जवाना राम आमली और धूड़ाराम फौजी शामिल रहे—के सानिध्य में यह बैठक संपन्न हुई।
जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरे देश में किसान-मजबूर सड़कों पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की मांगें रखते हुए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों को प्रतिमाह ₹10000 पेंशन देने, अमेरिका के साथ हुई किसान विरोधी डील को रद्द करने, सभी किसानों के कर्ज माफ करने और 13 महीने चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन के बाद सरकार द्वारा किए गए समझौतों को पूर्णतः लागू करने की मांग की।
जिला मंत्री मकाराम चौधरी ने राज्य सरकार से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 का बकाया आदान अनुदान तथा रबी-खरीफ का अटका हुआ फसल बीमा क्लेम तुरंत जारी करने की मांग की। साथ ही, रिलायंस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा फर्जी बटाईदार बनकर मुआवजा उठाने के मामलों पर पुलिस थाने में दर्ज रिपोर्ट पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।

नर्मदा नहर और जलापूर्ति का मुद्दा छाया रहा
किसान नेता विरद सिंह चौहान ने नर्मदा नहर के सिस्टम को दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने डी एस ढाणी, गुड़ा हेमा, मेलावास, रिडिया धोरा, भादू गौयतों की ढाणी, विरावा, मेघावा, कुंडकी, मणोर, अगड़ावा आदि गांवों के साथ-साथ चितलवाना और सांचौर तहसील के नर्मदा नहर से वंचित पंचायत समिति सरनाऊ और भादरूणा क्षेत्र के किसानों को नर्मदा नहर से जोड़ने तथा माही व कडाणा परियोजना से पानी उपलब्ध कराने की जोरदार मांग रखी।
पूनमाराम बिश्नोई ने नर्मदा नहर कार्यालय में रिक्त पड़े सभी पदों को तत्काल भरने की मांग की। इसके अलावा, पथूराम मेघवाल डांगरा ने जल जीवन मिशन में हुई भारी गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच करवाकर हर घर नल और हर नल में शुद्ध जल पहुंचाने की मांग उठाई। लादूराम भादू ने कृषि मंडी को पूरी तरह व्यवस्थित करने की बात कही। भाखरा राम रावतसर ने किसानों से एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया तथा विद्युत विभाग की अव्यवस्थाओं व स्मार्ट मीटरों का पुरजोर विरोध किया।

किसानों ने जताया आभार और दी चेतावनी
धरने के दौरान किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के अथक प्रयासों से रबी 2022 की बकाया आदान अनुदान राशि खातों में जमा होने पर जोरदार करतल ध्वनि के साथ मोर्चा का आभार भी प्रकट किया।
सभा को लक्ष्मण सिंह डूंगरी, रिडमल सिंह गुंदाऊ, जोगाराम सुथार, जोराराम रानीवाड़ा, दीपाराम साऊ, गुलाब सिंह सरवाना, एडवोकेट सोहनलाल, बाबूलाल जाट, राणाराम चौरा, पांचराम हाडेचा और पांचराम डूंगरी सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने संबोधित किया।
प्रदर्शन के पश्चात किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर धरना स्थल से राव बलूजी सर्किल तक रोष रैली निकाली। इसके बाद एडीएम और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर विस्तृत वार्ता की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा के पदाधिकारियों को सकारात्मक प्रयास कर सभी जायज समस्याओं का जल्द समाधान करने का ठोस आश्वासन दिया है। सभा का कुशल संचालन जिला मंत्री मकाराम चौधरी ने किया।



