सरकार को दी सीधी चेतावनी—”50 सीटों पर कर देंगे तख्तापलट!”
रानीवाड़ा (जालौर):
राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में मीडिया व न्यूज़ एजेंसियों के माध्यम से जारी किए गए OBC सर्वे के आंकड़ों में रावणा राजपूत समाज की आबादी को लेकर गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। प्रदेश में 50 से 70 लाख की विशाल आबादी वाले रावणा राजपूत समाज को मात्र 6 लाख दर्शाकर समाज का अपमान करने और भ्रामक संदेश फैलाने का काम किया गया है।

इस घोर अन्याय, त्रुटिपूर्ण सर्वे और समाज की वर्षों पुरानी मांगों की उपेक्षा के विरोध में आज प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत रानीवाड़ा उपखंड अधिकारी (SDM) के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रमुख मांगें: आंकड़ों में सुधार और पारदर्शी सर्वे की हुंकार
प्रेस वार्ता के दौरान समाज के प्रवक्ताओं एवं पदाधिकारियों ने सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
- फर्जी आंकड़ों को सुधारें व डेटा सार्वजनिक करें: OBC सर्वे में 50 से 70 लाख की वास्तविक जनसंख्या वाले समाज को मात्र 6 लाख दिखाए जाने की घोर निंदा करते हुए आयोग की संपूर्ण रिपोर्ट, डेटा तथा गांव व तहसीलवार आंकड़े तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।
- निष्पक्ष पुनः सर्वे: त्रुटिपूर्ण व षड्यंत्रकारी सर्वे का निष्पक्ष सत्यापन कराकर छूटे हुए प्रत्येक परिवार का पुनः निष्पक्ष सर्वे कराया जाए।
- वास्तविक प्रतिनिधित्व: समाज की असली आबादी (50 से 70 लाख) के आधार पर राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में समाज का हक व समान प्रतिनिधित्व तय किया जाए।
- आधिकारिक पहचान का अधिकार: समाज को विभिन्न प्रकार के अलग-अलग नामों से संबोधित करने के बजाय सभी सरकारी अभिलेखों व प्रक्रियाओं में केवल और केवल “रावणा राजपूत” नाम से ही आधिकारिक पहचान व मान्यता दी जाए।

🔥 50 से अधिक सीटों पर तख्तापलट और जयपुर घेराव की सीधी चेतावनी 🔥
प्रेस नोट के माध्यम से समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार को सख्त लहजे में आगाह करते हुए कहा:
“रावणा राजपूत समाज को कमजोर आंकने और हमारी आबादी को कागजों में दबाने की भूल न की जाए। हमारी स्पष्ट मांग है कि आगामी विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार हमारी सभी मांगों को पूरा करे और सर्वे के आंकड़ों को दुरुस्त करे। यदि सत्र से पहले समाधान नहीं निकाला गया, तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान जयपुर में ऐतिहासिक विधानसभा घेराव किया जाएगा।”
“राजस्थान की 50 से अधिक विधानसभा सीटों पर समाज का सीधा प्रभाव है और हम सरकार को उलट-पुलट करने तथा सत्ता बदलने की पूरी ताकत रखते हैं। यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया, तो पूरा रावणा राजपूत समाज सड़कों पर उतरकर सरकार के विरोध में मतदान करेगा और अपनी राजनीतिक शक्ति का अहसास कराएगा। इसके बाद होने वाले हर आंदोलन व प्रशासनिक हलचल की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”

उपस्थिति: ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे प्रमुख चेहरे
इस दौरान समाज के गणमान्य लोग और युवा भारी संख्या में मौजूद रहे, जिनकी सूची निम्नलिखित है:
- राम सिंह जी काबावत मालवाड़ा (तहसील अध्यक्ष)
- मनोहर सिंह रानीवाड़ा (तहसील महामंत्री)
- जसराज सिंह मेड़ा (अध्यक्ष, अखिल भारतीय रावणा राजपूत धर्मशाला सुंन्धा पर्वत)
- नटवर सिंह बड़गांव (युवा जिला महामंत्री)
- शिव सिंह चौहान बड़गांव (सोशल मीडिया प्रभारी, अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान युवा प्रदेश कार्यकारिणी)
- दिलीप सिंह दूधवट
- बाबू सिंह सिघावास
- सोम सिंह मेंडक
- बाबू सिंह आदरवाडा
- हरिसिंह मेंडक
- दिपसिह आदरवाडा
- शैतान सिंह रामपुरा
- लालू सिंह कागमाला
- परबत सिंह मालवाड़ा
- शेंतान सिंह रानीवाड़ा
- प्रवीण सिंह मेड़ा
- शंभू सिंह मालवाड़ा
- नेपाल सिंह रानीवाड़ा
- हडमत सिंह बड़गांव
…एवं भारी संख्या में रावणा राजपूत समाज बंधु उपस्थित रहे।



