- अन्नदाता का आक्रोश: रात की बजाय दिन में मिले बिजली, 5 दिन में समाधान नहीं तो होगा उग्र आंदोलन
- बिजली संकट: दाता जीएसएस पर किसानों की हुंकार, ओवरलोड से मुक्ति के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की मांग
सरनाऊ @ सर्कल न्यूज़ नेटवर्क
सरनाऊ पंचायत समिति क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था और अघोषित कटौती से परेशान किसानों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। क्षेत्र के दाता 33 केवी विद्युत उप केंद्र (GSS) पर ओवरलोड की समस्या और रात में दी जा रही थ्री-फेज सप्लाई के विरोध में बड़ी संख्या में किसानों ने धरना दिया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों ने सांकड़ स्थित सहायक अभियंता (AEN) कार्यालय पहुंचकर जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JDVVNL) के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और व्यवस्था सुधारने के लिए 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
रात की बिजली आपूर्ति पर सवाल, दिन की शिफ्ट की मांग भारतीय किसान संघ सांचौर के तहसील अध्यक्ष पाबूराम ने बताया कि मौजूदा समय में विभाग द्वारा किसानों को रात के समय थ्री-फेज बिजली की आपूर्ति की जा रही है। यह राज्य सरकार के उन निर्देशों का खुला उल्लंघन है, जिसमें किसानों को दिन में बिजली देने की बात कही गई है। कड़ाके की ठंड और जंगली जानवरों के खतरे के बीच रात में सिंचाई करना किसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। किसानों की मांग है कि इस नाइट शिफ्ट को तत्काल प्रभाव से डे-शिफ्ट (दिन) में बदला जाए।
ओवरलोड से ट्रिपिंग, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की दरकार किसानों ने बताया कि दाता 33 केवी सब-स्टेशन पर लोड अधिक होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग होती है, जिससे फसलें सूखने के कगार पर हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि सुचारू आपूर्ति के लिए जीएसएस पर तत्काल एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए।
5 दिन का अल्टीमेटम: हालात बिगड़े तो प्रशासन जिम्मेदार किसानों ने प्रशासन और डिस्कॉम को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि 5 दिवस के भीतर विद्युत सप्लाई को दिन में नहीं किया गया और ट्रांसफार्मर की समस्या हल नहीं हुई, तो किसान दोबारा अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। इस दौरान यदि विरोध प्रदर्शन उग्र होता है या कानून-व्यवस्था के हालात बिगड़ते हैं, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।
ये रहे मौजूद विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौरान भागीरथ, जगदीश, जय किशन, सुजानाराम, और भाखराराम सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विद्युत निगम की कार्यशैली पर आक्रोश व्यक्त किया।



