भीनमाल, 01 अगस्त, 2025। भीनमाल स्थित आर्य समाज मंदिर प्रांगण में श्रावणी उपक्रम यज्ञ का आयोजन रविवार, 3 अगस्त, 2025 को प्रातः 8:00 बजे से होगा। यह प्राचीन वैदिक परंपरा युगों-युगों से श्रावण मास के पावन अवसर पर मनाई जाती रही है। इस वर्ष भी, वैदिक संस्कृति के इस दिव्य उत्सव को सामूहिक रूप से मनाने की तैयारी जोरों पर है, जिसमें विशेष रूप से 21 कुण्डीय यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
वैदिक वैज्ञानिक आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक का सानिध्य और प्रेरणादाई प्रवचन
यह आयोजन वैदिक एवं आधुनिक भौतिकी शोध संस्थान, भागल भीम के प्रमुख, वैदिक वैज्ञानिक आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक के सानिध्य में संपन्न होगा। आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक इस अवसर पर “श्रावणी पर्व एवं हमारे जीवन में यज्ञ का महत्व” विषय पर प्रेरणादायक प्रवचन देंगे। उनका यह प्रवचन श्रोताओं को वैदिक ज्ञान और यज्ञ के वैज्ञानिक पहलुओं से परिचित कराएगा, जो निश्चित रूप से जीवन में यज्ञ की भूमिका को समझने में सहायक होगा।
सामूहिक यज्ञ और ऋषि तर्पण का महत्व
श्रावणी उपाक्रम पर्व पर ऋषि तर्पण का विशेष महत्व होता है। यह ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके ज्ञान को आत्मसात करने का दिन है। 21 कुण्डीय यज्ञ का आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ किया जाएगा, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और सभी उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होगा। इस प्रकार के सामूहिक यज्ञ न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं।
विशेषज्ञों की उपस्थिति और कार्यक्रम का विवरण
कार्यक्रम में वैदिक एवं आधुनिक भौतिकी शोध संस्थान, भागल भीम से यज्ञ ब्रह्मा विशाल आर्य और उप प्रधानाचार्या एवं उप प्राचार्य डॉ. मधुलिका आर्य भी उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही, भजनोंपदेशक पंडित केशव देव आर्य द्वारा मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जो श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण में लीन कर देगी।
आर्य समाज मंदिर के प्रतिनिधियों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे अपना अमूल्य समय निकालकर इस पावन अवसर पर अवश्य पधारें और पुण्य लाभ प्राप्त करें। यह आयोजन वैदिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने और समाज में धार्मिक चेतना जागृत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।



