हजारों मातृशक्तियों ने लिया भाग; 13 जुलाई से शहीद भगतसिंह स्टेडियम में गूंजेगी श्रीमद्भागवत कथा
जालोर, 12 जुलाई। धर्म और आध्यात्म का संगम, श्रावण मास और चातुर्मास महोत्सव का जालोर में आज भव्य आगाज हुआ। सनातन धर्म चातुर्मास सेवा समिति, जालोर द्वारा आयोजित इस पावन उपलक्ष्य में नगर में एक अत्यंत भव्य एवं मनमोहक कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे जालोर को भक्तिमय रंग में रंग दिया। इस श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण शोभायात्रा में हजारों की संख्या में मातृशक्तियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर वातावरण को पूरी तरह से धार्मिक बना दिया।

युवाचार्य स्वामी अभयदास महाराज के सान्निध्य में निकली यात्रा
कलश यात्रा का शुभारंभ आध्यात्मिक गुरु और कथा वाचक युवाचार्य स्वामी श्री अभयदास महाराज के पावन सान्निध्य में हुआ। यह यात्रा भक्त प्रहलाद चौक से उत्साहपूर्ण माहौल में प्रारंभ हुई और नगर के प्रमुख मार्गों – घाचियों की पिलानी, सुभाष मार्केट, वीरमदेव चौक, गांधी चौक, सरदार पटेल मार्ग, तिलक द्वार, हरिदेव सर्कल, अस्पताल चौराहा से होते हुए शहीद भगतसिंह स्टेडियम पर सम्पन्न हुई। स्टेडियम में वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई, जिसने आने वाले धार्मिक आयोजनों की नींव रखी। इस शुभ अवसर पर भैरुनाथ अखाड़े के महंत गंगनाथ महाराज के शिष्य ईश्वरनाथ महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिससे यात्रा का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं स्थानीय विधायक जोगेश्वर गर्ग और जाने-माने भामाशाह हनुमान घांची ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लेकर महोत्सव की गरिमा बढ़ाई। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि जन प्रतिनिधि और समाज के अग्रणी लोग भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को कितना महत्व देते हैं।
13 जुलाई से श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान
मीडिया प्रभारी एडवोकेट सुरेश सोलंकी ने बताया कि इस महोत्सव के अंतर्गत 13 जुलाई से 8 अगस्त 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक जालोर के श्री शहीद भगतसिंह स्टेडियम में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। कथा का अमृतपान युवाचार्य स्वामी अभयदास महाराज द्वारा करवाया जाएगा, जिनके प्रवचन भक्तों को भक्ति रस में सराबोर करेंगे।
विविध कथाओं का समावेश
इस धार्मिक महोत्सव की एक और विशेष बात यह है कि श्रीमद्भागवत कथा के साथ-साथ श्रद्धालुजनों को नानी बाई का मायरा, मीरा चरित्र कथा, एवं श्री बाबा रामदेव जी की लीला अमृत कथा का भी श्रवण करने का पुण्य लाभ प्राप्त होगा। यह समावेशी स्वरूप विभिन्न धार्मिक परंपराओं और लोक कथाओं के माध्यम से जनमानस को धर्म से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।
समिति और गणमान्य व्यक्तियों का योगदान
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सनातन धर्म चातुर्मास सेवा समिति के सदस्यों और नगर के अनेक गणमान्य श्रद्धालुओं का सक्रिय योगदान रहा। उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में कानाराम मेघवाल, पुखराज राजपुरोहित, भवानीसिंह धाधिया, रवि सोलंकी, गजेन्द्रसिंह सिसोदिया, दिनेश महावर, उत्तमचंद गर्ग, कल्याणसिंह, श्रीकांत भूतड़ा, नाथू सोलंकी, दिलीप सोलंकी, महेश भट्ट, दिनेश बारोट, पदमा नागर, मेथी देवी, उर्मिला दर्जी, अंजना सोलंकी, संतोष परिहार, सुशीला सैन, गीता बारोट सहित अनेक श्रद्धालु शामिल थे।
सनातन धर्म चातुर्मास सेवा समिति, जालोर ने समस्त श्रद्धालुजनों से हृदय से अपील की है कि वे इस पवित्र धर्मोत्सव में अधिकाधिक संख्या में अपने परिवार सहित पधारें, सत्संग का लाभ लें तथा भक्ति रस में सराबोर होकर पुण्य लाभ अर्जित करें। यह महोत्सव जालोर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने में मील का पत्थर साबित होगा।



