जालोर/करड़ा। श्रावण मास आते ही जालोर जिले में भक्ति और शक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। चहुंओर पदयात्रियों के जत्थे विभिन्न हिंदू मंदिरों की ओर प्रस्थान करते नजर आ रहे हैं, जो आस्था और श्रद्धा के प्रतीक बन गए हैं। इसी कड़ी में आज करड़ा में एक अद्भुत और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का मन मोह लिया।
देवासी समाज के कासैला गौत्र के 51 युवा आस्थावानों ने लोक देवता बाबा रामदेवजी के दर्शनों के लिए विशाल पदयात्रा का आगाज किया। यह रवानगी केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति, एकजुटता और पारंपरिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था का प्रदर्शन थी।

दुधेश्वर महादेव और मामाजी का आशीर्वाद लेकर हुए रवाना
बाबा रामदेवजी के दर्शनों के लिए निकलने से पहले, सभी 51 युवाओं ने करड़ा स्थित दुधेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात, उन्होंने मामाजी के मंदिर में धोक लगाई और क्षेत्र के पूज्य महंत काशीनाथजी महाराज से आशीर्वाद ग्रहण किया। महंतजी ने सभी पदयात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं और उनके सफल दर्शन की कामना की। इस दौरान पूरा माहौल जयकारों और भक्तिमय संगीत से गूंज उठा, जिससे उपस्थित हर व्यक्ति ऊर्जावान महसूस कर रहा था।


उत्साह और एकजुटता का प्रतीक बना यह काफिला
इस विशाल पदयात्रा में शामिल युवाओं में गजब का उत्साह और जोश दिखाई दिया। एडवोकेट गणेश, माधाराम, वीरमाराम, रेवाराम, घेवाराम, कृष्णकुमार, भरत, पारसाराम फौजी सहित कई धर्मनिष्ठ युवा इस काफिले का हिस्सा बने हैं। ये सभी युवा कंधे से कंधा मिलाकर, भजन गाते हुए और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनके चेहरों पर बाबा रामदेवजी के प्रति अटूट श्रद्धा और उनके दर्शन की ललक साफ झलक रही है। यह जत्था न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का भी संदेश दे रहा है।
माना जा रहा है कि यह यात्रा कई दिनों तक चलेगी और पदयात्री विभिन्न पड़ावों से होते हुए अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे। यह नजारा जालोर जिले में श्रावण मास की धार्मिक महत्ता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। यह पदयात्रा आने वाले दिनों में और भी लोगों को धार्मिक यात्राओं के लिए प्रेरित करेगी।



