1.5 किलोमीटर लंबी होगी यात्रा, 121 वाहन और 125 मूर्तियों के साथ दिखेगा अद्भूत नज़ारा; ड्रेस कोड में नजर आएंगे शिवभक्त
जालोर। महाशिवरात्रि शोभायात्रा आयोजन समिति के तत्वावधान में आगामी 15 फरवरी (रविवार) को आयोजित होने वाली भव्य एवं विशाल शोभायात्रा को लेकर जालोर शहर में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। आयोजन समिति ने यात्रा की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं और प्रत्येक सदस्य को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बन्सीलाल सोनी के अनुसार, आम जनता में इस यात्रा को लेकर श्रद्धा और उत्साह अपने उच्चतम स्तर पर है।
महावीर गौशाला से होगा ऐतिहासिक आगाज
समिति की बैठक में शोभायात्रा के मार्ग को अंतिम रूप दिया गया है। यात्रा का शुभारंभ प्रातः 9 बजे महावीर जीव दया गौशाला (प्रथम चरण) से होगा। यहाँ संत-महात्माओं के सानिध्य में प्रथम पूज्य गणपति भगवान की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर यात्रा का आगाज ढोल-धमाकों और बैंड-बाजों के साथ किया जाएगा।
इन मार्गों से गुजरेगी शिव की सवारी
शोभायात्रा मैन रोड, गिटको होटल, पंचायत समिति चौराहा, भक्त प्रहलाद चौक और बड़ी पोल से होते हुए घाचियों की पिलानी, सदर बाजार और गणेश चौक पहुंचेगी। यहाँ से सूरज पोल, देवनारायण सर्किल, राजेन्द्र नगर, अस्पताल चौराहा, जैन बोर्डिंग और रेलवे स्टेशन होते हुए यात्रा ऋषभ नगर, चामुण्डाजी मंदिर और हेड पोस्ट ऑफिस रोड तक जाएगी। इसके पश्चात नागरिक बैंक, कृषि विभाग, हरिदेव जोशी सर्कल से मानपुरा कॉलोनी और नेहरू पार्क होते हुए आदर्श नगर जैन मंदिर पर संपन्न होगी।
जटाधारी ग्रुप की प्रस्तुति और 121 वाहनों का काफिला
इस बार शोभायात्रा का स्वरूप बेहद विशाल होने वाला है:
- मुख्य आकर्षण: भारत का प्रसिद्ध शालु जटाधारी ग्रुप और गजानन जटाधारी ग्रुप अपनी भव्य प्रस्तुतियां देंगे।
- लवाजमा: यात्रा में 121 सजे-धजे वाहन और 125 विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां सम्मिलित होंगी।
- अनुशासन: यात्रा लगभग डेढ़ किलोमीटर से अधिक लंबी होगी। सभी भक्तगण निर्धारित ड्रेस कोड में वाहनों पर सवार होकर चलेंगे।
व्यापारियों और आमजन से विशेष अपील
आयोजन समिति ने व्यापारियों से अनुरोध किया है कि शोभायात्रा के मार्ग में आने वाले त्रिपाल ऊंचे कर लें या हटा दें ताकि ऊंचे वाहनों और मूर्तियों को निकलने में बाधा न हो। साथ ही, मार्ग में कोई भी वाहन खड़ा न करने की अपील की गई है। दर्शनार्थियों से निवेदन किया गया है कि वे सड़क के दोनों ओर कतार बनाकर खड़े रहें और पुष्प वर्षा कर पुण्य प्राप्त करें।



