शिक्षा के साथ सुरक्षा भी – महेंद्र सिंह झाला का अनूठा कदम, बच्चों और गाँव दोनों के लिए बनी मिसाल
जालोर जिला हमेशा से दानवीरों की धरती माना जाता है। यहाँ के लोग केवल अपने लिए नहीं बल्कि समाज और गाँव-देश की भलाई के लिए भी आगे रहते हैं। यहाँ की परंपरा है कि सार्वजनिक कामों में लोग सरकार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहते, बल्कि अपने दम और अपने यक़ीन से मदद करते हैं। देशभर में सबसे ज़्यादा मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अगर कोई इलाके मशहूर हैं, तो पाली, जालोर और सिरोही का नाम सबसे ऊपर आता है।

इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक युवा दानदाता – भामाशाह महेंद्र सिंह पुत्र भेर सिंह झाला ने अपने गाँव सिलासन के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुछ ऐसी पहल की है जो बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ गाँव की हिफ़ाज़त का भी इंतज़ाम करती है।
महेंद्र सिंह ने देखा कि सरकारी स्कूलों में अक्सर सुरक्षा इंतज़ामात की कमी रहती है। उन्होंने ठान लिया कि इस कमी को दूर करेंगे और आज उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिखाया। उन्होंने स्कूल में 19 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जिनकी कुल क़ीमत लगभग 1 लाख रुपये है। इस पूरे ख़र्च को उन्होंने अपनी जेब से उठाया, बिना किसी सरकारी मदद के।
इन कैमरों के लगने से स्कूल के बच्चों को न सिर्फ़ एक महफ़ूज़ माहौल मिलेगा, बल्कि गाँव के कई हिस्से भी सीसीटीवी की निगरानी में आ जाएंगे। स्कूल के समीप की गलियों और मुख्य रास्तों पर भी अब इन कैमरों की नज़र होगी। इससे गाँव में चोरी, ग़लत हरकतें और अशांति फैलाने वालों पर अंकुश लगेगा।

भामाशाह महेंद्र सिंह का कहना है –
“हमारा मक़सद सिर्फ़ स्कूल नहीं, पूरे गाँव को नापाक नज़रों से महफ़ूज़ रखना है। अगर ज़रूरत होगी तो हम और कैमरे भी लगवाएंगे।”
एसएमसी अध्यक्ष प्रेमाराम रावल ने बताया कि यह पहल गाँव के लिए मिसाल है और आने वाले समय में अन्य गाँवों में भी ऐसे कार्य लोगों को प्रेरित करेंगे।
सर्कल न्यूज के गुमानसिंह राव का कहना है कि अगर निय्यत साफ़ हो और दिल में समाज के लिए मोहब्बत, तो कोई भी बदलाव मुश्किल नहीं है। सिलासन की यह मिसाल आने वाली पीढ़ियों को हमेशा याद दिलाएगी कि शिक्षा और सुरक्षा दोनों ही हमारे विकास के अहम हिस्से हैं।







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