करडा (जालोर): जिले के करडा थाना क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सांतरू वन क्षेत्र में अवैध पत्थरों से भरे ट्रैक्टर को रुकवाना वनकर्मियों को भारी पड़ गया। हमलावरों ने न केवल वनकर्मियों के साथ मारपीट की, बल्कि उन पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश भी की।
गश्त के दौरान माफिया से हुआ सामना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानीवाडा रेंज के अधीन पाल नाका के वनक्षेत्र सांतरू में नाका प्रभारी रामनारायण विश्नोई अपनी टीम (वनरक्षक विकास विश्नोई, राकेश कुमार और ओमप्रकाश) के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान वन क्षेत्र से अवैध बाडू पत्थर भरकर आ रहे एक ट्रैक्टर को टीम ने रुकवाया। चालक नवाराम पुत्र पीथाराम देवासी से जब पूछताछ की गई, तो उसने हंगामा शुरू कर दिया।
15-20 लोगों ने घेरा, जान बचाकर भागे वनकर्मी
आरोप है कि ट्रैक्टर चालक नवाराम ने तुरंत फोन कर अपने 15-20 परिचितों को मौके पर बुला लिया। सांतरू निवासी बगदाराम, जामताराम, वचनाराम, गोवाराम और रमेश सहित अन्य लोगों ने आते ही वनकर्मियों पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने वनकर्मियों की कॉलर पकड़कर उन्हें नीचे गिरा दिया और धक्का-मुक्की की।

ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास और सरकारी कार्य में बाधा
वनकर्मियों ने जब कानूनी कार्रवाई की कोशिश की, तो आरोपियों ने जबरन ट्रैक्टर चालू किया। आधे पत्थर मौके पर ही खाली कर दिए और दहशत फैलाने के लिए वनकर्मियों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। वन विभाग की टीम ने जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद वनपाल रामनारायण ने करडा पुलिस थाने में लिखित रिपोर्ट पेश की।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
करडा पुलिस ने नाका प्रभारी रामनारायण की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है:
- धाराएं: 126 (2), 115 (2), 121 (1), 132 और 191 (2)।
- जांच अधिकारी: हेड कांस्टेबल शंकराराम (159) को मामले की जांच सौंपी गई है।
पुलिस अब वीडियोग्राफी और पहचान के आधार पर नामजद आरोपियों की तलाश में जुट गई है। वन विभाग ने इस घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट: सर्कल न्यूज़ नेटवर्क, जालोर।







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