सीएचसी रानीवाड़ा में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में अभियान का शुभारंभ; 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को लगाया जाएगा सुरक्षा कवच
रानीवाड़ा/जालौर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं में होने वाले जानलेवा सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) की रोकथाम के लिए सोमवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रानीवाड़ा में एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह विशेष अभियान खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. गणपत लाल के दिशा-निर्देशों एवं ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर इलियास खान की सीधी देखरेख में संचालित किया जा रहा है।
दो बालिकाओं के टीकाकरण से हुई शुरुआत
अभियान के पहले दिन सोमवार, 16 मार्च 2026 को रानीवाड़ा सीएचसी में उत्साहजनक माहौल के बीच दो किशोर बालिकाओं का टीकाकरण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस चरण में 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की सभी बालिकाओं को शामिल किया गया है। विभाग का लक्ष्य क्षेत्र की शत-प्रतिशत लक्षित बालिकाओं को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना है।
आशा और एएनएम की टीम संभाल रही मोर्चा
इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए फील्ड स्तर पर आशा सहयोगिनियों द्वारा जबरदस्त मोबिलाइजेशन कार्य किया जा रहा है। घर-घर जाकर अभिभावकों को कैंसर से बचाव के इस टीके के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान एएनएम कृष्णा, एएनएम पुष्पा सहित सीएचसी रानीवाड़ा की समस्त आशा सहयोगिनियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और बालिकाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया।
लक्ष्य प्राप्ति तक जारी रहेगा अभियान
ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर इलियास खान ने बताया कि यह टीकाकरण कार्यक्रम आगामी दिनों में निरंतर जारी रहेगा। जब तक ब्लॉक की निर्धारित आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का टीकाकरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक टीमें सक्रिय रहकर कार्य करेंगी। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी 14-15 साल की बेटियों को सुरक्षित भविष्य के लिए यह टीका अवश्य लगवाएं।
विशेष जानकारी: क्या है HPV वैक्सीन और क्यों है जरूरी?
HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस): यह एक सामान्य वायरस है जो महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण बनता है।
टीके की उपयोगिता और लाभ:
- कैंसर से सुरक्षा: यह टीका गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) के कैंसर को रोकने में 90% से अधिक प्रभावी है।
- भविष्य की सुरक्षा: कम उम्र (9-15 वर्ष) में यह टीका लगाने से शरीर में एंटीबॉडी बेहतर बनती हैं, जो उम्र भर कैंसर के खतरे को कम करती हैं।
- अत्यंत सुरक्षित: यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित और पूर्णतः सुरक्षित टीका है।
- अन्य बीमारियों से बचाव: यह टीका न केवल कैंसर बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाले गंभीर इन्फेक्शन से भी सुरक्षा प्रदान करता है।







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