ANTF और बाड़मेर पुलिस की बड़ी कामयाबी; 30 हजार के इनामी जसवंत उर्फ जसिया और साथी नारायण राम दबोचे गए
बाड़मेर/जयपुर। मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल (ANTF) और बाड़मेर पुलिस ने होली की पूर्व संध्या पर एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए अफीम और डोडा पोस्त तस्करी के सरगना को धर दबोचा। ‘ऑपरेशन मोना रिटर्न’ के तहत की गई इस संयुक्त कार्रवाई ने तस्करी की दुनिया में दहशत का पर्याय बन चुके एक ऐसे अपराधी के महल को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया है, जो पिछले 15-20 सालों से पुलिस की रडार से बचता आ रहा था।
प्रमुख अपराधियों का विवरण
| विवरण | अपराधी 1: जसवंत उर्फ जसिया | अपराधी 2: नारायण उर्फ नारणाराम |
| पिता का नाम | रतनाराम | लिकमाराम |
| आयु | 40 वर्ष | – |
| मूल निवास | बायतु, बाड़मेर | बलदेव नगर, बाड़मेर |
| वर्तमान पता | बलदेव नगर, बाड़मेर | बलदेव नगर, बाड़मेर |
| इनाम राशि | 30,000 रुपये | 5,000 रुपये |
| आपराधिक रिकॉर्ड | 15 से अधिक एनडीपीएस/आर्म्स एक्ट के मुकदमे | 15 से अधिक एनडीपीएस/आर्म्स एक्ट/अपहरण |
महानिरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में बिछा जाल
इस पूरे ऑपरेशन की कमान एएनटीएफ के महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार ने संभाली। एडीसीपी एम.एन. दिनेश के मार्गदर्शन में विकास कुमार ने जिस रणनीति के साथ ‘ऑपरेशन मोना रिटर्न’ को अंजाम दिया, वह काबिले तारीफ है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि इस कुख्यात तस्कर की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। उन्होंने साफ किया है कि इस कार्रवाई में शामिल टीम को एएनटीएफ मुख्यालय में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना एटीएस नियंत्रण कक्ष (0141-2601583) या व्हाट्सएप (9001999070) पर दें, सूचना देने वाले की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।
कैसे धरा गया ‘ट्रिगर हैप्पी’ तस्कर?
जसवंत उर्फ जसिया जिसे पुलिस ‘ट्रिगर हैप्पी’ तस्कर मानती है, क्योंकि वह पुलिस टीम पर फायरिंग कर तीन बार बच चुका था, इस बार अपनी ही पार्टी में फंस गया। पुलिस के अनुसार:
- सटीक सूचना: जसिया के ही एक पीड़ित साथी (नाम गुप्त रखा गया) ने उसके होली पार्टी के अड्डे की सटीक जानकारी एएनटीएफ को दी।
- घेराबंदी: पार्टी शुरू होने से पहले ही पुलिस ने मौके को घेर लिया। जसिया ने पिस्टल निकाल हमला करने की कोशिश की, लेकिन चौकस एएनटीएफ टीम ने उसे संभलने का मौका ही नहीं दिया।
- बरामदगी: मौके से एक अत्याधुनिक पिस्टल, 55 जिंदा कारतूस, 440 ग्राम अफीम दूध, 10 लाख 76 हजार रुपये नगद और एक चोरी की टोयोटा हेलेक्स लग्जरी गाड़ी बरामद की गई।
जमानत का दुरुपयोग और तस्करी का साम्राज्य
जसियत (जसवंत) जून 2024 में जोधपुर रेंज की टीम द्वारा मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था, लेकिन वह पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर 30 दिन की अंतरिम जमानत पर बाहर आया और दोबारा जेल नहीं लौटा। इसके बाद उसने अपनी तस्करी का जाल और अधिक फैला दिया। वह 2005 से तस्करी के काले धंधे में शामिल है और पिछले दो दशकों से राजस्थान के चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ से बाड़मेर तक नशे की आपूर्ति का ‘बेताज बादशाह’ बना हुआ था।
ऑपरेशन मोना रिटर्न क्यों?
इस अपराधी के खिलाफ चलाए गए पिछले ऑपरेशन का नाम ‘मोना’ था, क्योंकि वह तस्करी के क्षेत्र में अपना वर्चस्व रखता था। एक बार पकड़े जाने के बाद जमानत से फरार होने और फिर से उसी अपराध में संलिप्त होने के कारण, इस बार एएनटीएफ ने इसे ‘ऑपरेशन मोना रिटर्न’ का नाम दिया। होली की रात पार्टी करते हुए इन अपराधियों का पकड़ा जाना, नशे के कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।



