रानीवाड़ा, जालोर। रानीवाड़ा श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा महालक्ष्मी मंदिर का प्रथम पाटोत्सव कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर की प्रतिष्ठा के बाद यह पहला अवसर था जब समाज के लोगों ने एक साथ मिलकर यह भव्य आयोजन किया।
महाभोग और महिला संगीत का आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 7 बजे महालक्ष्मी मंदिर में महाभोग कार्यक्रम से हुआ। इस दौरान लक्ष्मी जी सहित सभी देवी-देवताओं को विशेष महाप्रसादी अर्पित की गई। इसके बाद दोपहर में महिलाओं के लिए संगीत कार्यक्रम रखा गया, जिसमें उन्होंने पारंपरिक भजन गाकर माता लक्ष्मी की स्तुति और पूजा-अर्चना की।
108 दीपक की महाआरती और गरबा
शाम को धार्मिक आयोजनों का सिलसिला और भी भव्य हो गया। शाम को 108 दीपक की महाआरती का आयोजन किया गया, जिसने पूरे मंदिर परिसर को रोशनी से जगमगा दिया। आरती के बाद खीर का भोग चढ़ाया गया। इसके बाद महिलाओं ने गरबा गीतों पर नृत्य कर माता लक्ष्मी के प्रति अपनी आस्था और भक्ति प्रकट की।
करीब 300 समाज बंधु रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में श्रीमाली ब्राह्मण समाज के लगभग 300 भाई-बहन उपस्थित रहे। समाज के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इस धार्मिक उत्सव को सफल बनाया। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का था, बल्कि इसने समाज के लोगों को एक सूत्र में पिरोने का काम भी किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन से सभी में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।







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