जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक का बड़ा एक्शन; पैक्स कम्प्यूटरीकरण के लंबित काम निपटाने के लिए 13 से 25 जुलाई तक चलेगा महाकैंप, रिकॉर्ड न लाने वाले व्यवस्थापकों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
जालोर। सहकारिता क्षेत्र को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। पैक्स (ग्राम सेवा सहकारी समितियों) के कम्प्यूटरीकरण कार्य में बरती जा रही ढिलाई को देखते हुए दी जालोर सैण्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने सख्त रुख अख्तियार किया है। रजिस्ट्रार और शीर्ष बैंक जयपुर के कड़े निर्देशों के बाद बैंक के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह ने जिला मुख्यालय पर एक विशेष सुधार कैंप का शंखनाद किया है। यह महाकैंप 13 जुलाई से शुरू होकर 25 जुलाई 2026 तक बैंक के प्रधान कार्यालय (बापू नगर कॉलोनी) में आयोजित किया जा रहा है।

लापरवाही की तो सीधे होंगे सस्पेंड, साथ लाने होंगे ये 8 मुख्य दस्तावेज प्रबंध निदेशक ने साफ चेतावनी दी है कि पैक्स कम्प्यूटरीकरण परियोजना के अंतर्गत ई-पैक्स, ऑन-सिस्टम ऑडिट और डायनेमिक डे-एंड जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कैंप में अनुपस्थित रहने या अधूरे रिकॉर्ड लाने वाले समिति व्यवस्थापकों के खिलाफ राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन (सस्पेंशन) भी शामिल है। सभी व्यवस्थापकों को 1 अप्रैल 2025 से आज तक की अद्यतन स्थिति के निम्नलिखित 8 दस्तावेज साथ लाने अनिवार्य हैं:
- पीडीएस अभिलेख
- खाद-बीज स्टॉक रजिस्टर
- एफडीआर सदस्य सूची
- एफडीआर बैंक सूची
- मिनी बैंक सूची
- कैशबुक रजिस्टर
- कस्टम हायरिंग लॉगबुक
- ऋण, चालू, बचत एवं बीसी खातों के बैंक स्टेटमेंट
शीर्ष बैंक की पैनी नजर, दैनिक रिपोर्ट होगी तलब इससे पूर्व राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (शीर्ष बैंक) के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चुंडावत ने राज्यभर में डायनेमिक डे-एंड (टी-1) की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई थी। शीर्ष बैंक के आदेशानुसार प्रदेश की सभी 6781 पैक्स को शत-प्रतिशत गो-लाइव और ई-पैक्स घोषित करने का लक्ष्य है। जालोर में आयोजित हो रहे इस कैंप की मॉनीटरिंग के लिए उप-रजिस्ट्रार और विशेष लेखा परीक्षकों को भी लगाया गया है। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए सिस्टम इंटीग्रेटर ओसवाल प्राइवेट लिमिटेड की टीम भी मौके पर मुस्तैद रहेगी ताकि हर समिति का काम हाथों-हाथ ऑनलाइन फीड किया जा सके। बैंक प्रशासन रोजाना सुबह 11 बजे तक इसकी प्रगति रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजेगा।
समितिवार और दिनांकवार तय सूची के अनुसार आहोर, सायला, सांचौर, भीनमाल, रानीवाड़ा और चितलवाना क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को पाबंद कर कैंप में बुलाया गया है।







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