जिले में 7 मई 2025 की रात 9:30 से 9:45 बजे तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में तैयार रहने और सामूहिक सहयोग को बढ़ावा देना था।
सायरन बजते ही छाया अंधेरा
जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे और पुलिस अधीक्षक ज्ञाचन्द्र यादव की निगरानी में इस ड्रिल का संचालन किया गया। जैसे ही सायरन बजा, पूरे शहर और गांवों में रोशनी बंद कर दी गई।

नागरिकों की भागीदारी और सहयोग
- शहरवासियों ने प्रशासन की अपील का पालन करते हुए घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर दीं।
- राहगीरों ने भी सहयोग किया—गाड़ियां किनारे खड़ी कर उनकी लाइटें बंद की गईं।
- होटलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बाजारों में भी लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारियां
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस जवानों को जगह-जगह तैनात किया गया।
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान पूरे जिले में शांति और अनुशासन बना रहा।
उपखंडों में भी सफल अभ्यास
जिले के भीनमाल, रानीवाड़ा, जसवंतपुरा, सायला और सांचौर सहित सभी उपखंड मुख्यालयों पर पूर्व निर्धारित समयानुसार 9:30 बजे सायरन बजाया गया और ब्लैकआउट अभ्यास शुरू हुआ।
निष्कर्ष
यह मॉक ड्रिल प्रशासन और नागरिकों की आपदा प्रबंधन क्षमता का प्रमाण है। लोगों की जागरूकता और स्वेच्छा से की गई भागीदारी ने इस अभ्यास को सफल बना दिया।
क्या आपको लगता है कि इस तरह की ड्रिल्स भविष्य में और भी अधिक प्रभावी साबित हो सकती हैं?







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