जालोर 30 नवंबर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के निर्देशानुसार उन उद्योगों, प्रोजेक्ट्स व प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशिष्ट छूट योजना शुरू की गई है, जो जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के तहत स्थापित या संचालित होने से पहले स्थापना की सम्मति और संचालन की सम्मति प्राप्त नहीं कर पाए है।
प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, आबूरोड (सिरोही) के क्षेत्रीय अधिकारी अशोक जेलिया ने बताया कि राज्य में स्थापित व संचालित सभी उद्योगों, प्रोजेक्ट्स, व प्रतिष्ठानों को जल प्रदूषण (निवारण एवं नियंत्रण मण्डल) अधिनियम, 1974 तथा वायु प्रदूषण (निवारण एवं नियंत्रण मण्डल) अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के अन्तर्गत राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से स्थापना/संचालन सम्मति प्राप्त करना आवश्यक है। राज्य मण्डल की इस ‘विशिष्ट छूट योजना‘‘का उद्देश्य उन उद्योगों को प्रोत्साहित करना है, जो अब तक इन स्वीकृतियों के बिना काम कर रहे हैं, ताकि वे स्वीकृति प्राप्त कर पर्यावरणीय अनुपालन सुनिश्चित कर सकें।
उन्होंने बताया कि राज्य मण्डल द्वारा समस्त उद्योगों, प्रोजेक्ट्स व प्रतिष्ठानों को सम्मति प्रबंधन मे लाने तथा पर्यावरण नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने की दिशा में वर्तमान नियमों व प्रावधानों में शिथिलता प्रदान करते हुए 1 दिसम्बर 2024 से 29 जनवरी 2025 तक ‘‘विशिष्ट छूट योजना‘‘ लागू की जा रही है।
इस ‘विशिष्ट छूट योजना‘‘ में राज्य मण्डल द्वारा वे सभी उद्योग, प्रोजेक्ट्स व प्रतिष्ठान, जिन्होंने मण्डल से अभी तक किसी भी प्रकार की सम्मति के लिए आवेदन नहीं किया है, उनके द्वारा प्रथम बार स्थापना व संचालन सम्मति आवेदन पत्र मण्डल में प्रस्तुत करने पर उन्हें पूर्व अवधि का शुल्क (बैक पीरियड फीस) जमा कराने से छूट रहेगी। इस विशिष्ट छूट योजना के बारे में विस्तृत जानकारी राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की वेबसाईट www.environment.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है।







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