छात्र राजनीति में उबाल: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने रानीवाड़ा इकाई का किया विस्तार, नए चेहरों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
रानीवाड़ा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने रानीवाड़ा इकाई में संगठन को और अधिक धार देने तथा आगामी सत्र की छात्र-सरोकार से जुड़ी गतिविधियों को तेज करने के लिए अपनी नई नगर कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। संगठन के विस्तार की इस प्रक्रिया में युवा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई महत्वपूर्ण बैठक के दौरान श्री श्रीपाल सिंह को रानीवाड़ा इकाई का नगर अध्यक्ष और श्री रोहित को नगर मंत्री का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

जिला संयोजक मोनिका चौधरी का रहा विशेष प्रवास, कार्यकर्ताओं में भरा जोश
इस सांगठनिक बैठक में एबीवीपी की भीनमाल जिला संयोजक मोनिका चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उनका यह प्रवास रानीवाड़ा इकाई के लिए बेहद ऊर्जावान साबित हुआ। नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्थापना काल से ही छात्रहित, राष्ट्रहित और संगठनहित के पवित्र उद्देश्यों के लिए पूरी निष्ठा से प्रतिबद्ध रही है।

जिला संयोजक मोनिका चौधरी ने विश्वास जताया कि रानीवाड़ा के ये नवनियुक्त युवा नेतृत्व संगठन को बूथ और कॉलेज स्तर तक और अधिक मजबूत बनाएंगे। साथ ही, वे छात्र समुदाय की समस्याओं और उनके अधिकारों की एक प्रभावी आवाज़ बनकर उभरेंगे।

भव्य स्वागत और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
घोषणा के बाद रानीवाड़ा इकाई के कार्यकर्ताओं ने ढोल-धमाकों और जोशीले नारों के साथ नवनियुक्त नगर अध्यक्ष श्रीपाल सिंह और नगर मंत्री रोहित का माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। सभी कार्यकर्ताओं ने उनके सफल, गतिशील और उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
परिषद परिवार ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है कि श्रीपाल सिंह और रोहित की ऊर्जावान जोड़ी के नेतृत्व में रानीवाड़ा इकाई संगठनात्मक गतिविधियों में नए आयाम स्थापित करेगी। यह टीम छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कराने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाएगी।

एक नजर में: क्या है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसकी स्थापना 9 जुलाई 1948 को हुई थी। यह संगठन 'ज्ञान, शील और एकता' के अपने मूल मंत्र के आधार पर काम करता है। एबीवीपी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना, उनमें राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना और शिक्षा जगत में सुधार के लिए संघर्ष करना है। यह संगठन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और छात्रहित के मुद्दों पर लगातार मुखर रहता है और देश के हर कोने में युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहा है।








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