शिवगंज। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्र और राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों को छीनने का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जल, जंगल और जमीन से आदिवासियों को बेदखल करने का अभियान चला रही है, जबकि पूंजीपतियों के लिए जंगलों की कटाई की जा रही है। लोढ़ा ने ये बातें नव नियुक्त आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष लखमाराम गरासिया और अन्य कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।

फर्जी टीएसपी प्रमाण पत्र और वन अधिकारों पर गंभीर आरोप
आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष लखमाराम गरासिया ने संयम लोढ़ा को जिले में आदिवासियों के सामने आ रही गंभीर समस्याओं से अवगत कराया।
- फर्जी टीएसपी प्रमाण पत्र: गरासिया ने बताया कि सैकड़ों गैर-आदिवासी लोग फर्जी टीएसपी (Tribal Sub-Plan) प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरियां कर रहे हैं, जिससे गरीब और योग्य आदिवासी युवाओं का हक मारा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कुछ ही लोगों पर कार्रवाई कर रहा है, जबकि बड़े पैमाने पर धांधली चल रही है। गरासिया ने लोढ़ा से इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने का आग्रह किया।
- वन अधिकार कानून की अनदेखी: उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2023-24 में वन अधिकार कानून के तहत सामुदायिक अधिकारों के दावे ग्राम सभाओं द्वारा अनुमोदित होने के बाद भी लंबित पड़े हैं। 1 जून 2025 से 30 जून 2025 तक चले जागरूकता अभियान के बावजूद इन दावों का आज तक निपटारा नहीं हुआ है। गरासिया ने इस समस्या को लेकर जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना बताई ताकि प्रशासन को जगाया जा सके।
आदिवासी क्षेत्रों में चरमराई व्यवस्था
संयम लोढ़ा ने आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा और शिक्षा की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं, और बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। महिला बाल विकास केंद्रों में एक्सपायरी डेट की सामग्री बांटी जा रही है। उन्होंने पुलिस चौकियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, जहां स्टाफ का बार-बार ट्रांसफर होने के बाद भी वे वहीं आकर जम जाते हैं और आदिवासियों का शोषण करते हैं।
इस दौरान आवल के पूर्व सरपंच गुलाराम गरासिया, मुंगथला के पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रेमाराम गरासिया, लालाराम गरासिया, रूपाराम गरासिया, अमराराम भील, कीकाराम गरासिया, पद्माराम गरासिया, खीमाराम गरासिया और रूपाराम आवाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।







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