सिरोही, राजस्थान: कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई अहम सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आतंकवादी कहाँ से आए, कैसे आए और कहाँ गायब हो गए। उन्होंने पीड़ित परिवारों की पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि उन लोगों को महसूस करना चाहिए जो इस संकट से गुजरे हैं।
लोढा ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता भारतीय सेना की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं ने सेना की एक वीर अधिकारी को आतंकवादियों की बहन बता दिया। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा की ऐसी सोच नहीं होती, तो अब तक उन नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया जाता।

राजनीतिक संघर्ष और कांग्रेस की रणनीति
संयम लोढा ने कहा कि राजनीति में कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उन्होंने अपने पहले चुनाव के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने सिरोही विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, तब भाजपा की तारा भंडारी एक बड़ी नेता थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी संघर्ष में साहस और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि 1985 तक सिरोही कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ था, लेकिन 1990 के बाद कांग्रेस अपने वोटबैंक को मजबूत नहीं कर सकी। भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो भी भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे कानूनी मामलों में फंसाने का षडयंत्र रचा जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात समाचार के मालिक के खिलाफ ईडी की रेड कर उन्हें 93 साल की उम्र में गिरफ्तार किया गया।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा पर जोर
लोढा ने भाजपा नेताओं के कुछ कथित बयानों को लेकर चिंता व्यक्त की, जिसमें कहा गया कि यदि भाजपा 400 सीटों का आंकड़ा पार कर लेती है, तो वे संविधान में बदलाव करेंगे। उन्होंने राजस्थान, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के लोगों की तारीफ की, जिन्होंने इस संभावना को रोकने में भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जनता को लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
जनता की सेवा और आगे की रणनीति
बैठक में उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आम जनता के दुःख-दर्द में साथ खड़े रहने और जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने सिरोही के विकास और उसके पुराने गौरव को लौटाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कांग्रेस ने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और आगे भी निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
बैठक में रतन माली, किशोर पुरोहित, हरीश राठौड़, हनवंत सिंह, प्रकाश मीणा, महेंद्र मेवाड़ा, प्रकाश प्रजापति, जितेंद्र सिंघी, महेंद्र चौहान, नारायण सुथार, रेणुलता व्यास, हेमलता शर्मा, मारूफ हुसैन, ईश्वर सिंह, सुधांशु गौड़, मनोज पुरोहित, तेजाराम वाघेला, भरत धवल, प्रकाश मेघवाल, प्रवीण सिंह निंबोड़ा, महावीर सिंह जाखोड़ा, भंवर सिंह देवड़ा, तलसाराम भील, प्रवीण जटोलिया, सुरेंद्र सिंह सांखला, जगदीश माली सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।







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