चिकित्सा जगत में सेवा की नई परिभाषा
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क की विशेष रिपोर्ट, रेवदर। राजस्थान के सिरोही जिले में चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में एक ऐसी मिसाल कायम हुई है जिसने सबको भावुक कर दिया है। रेवदर स्थित भारती हॉस्पिटल ने सेवा को सर्वोपरि मानते हुए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्वास्थ्य की राह आसान कर दी है। यहाँ की समर्पित डॉक्टरों की टीम ने महज दो हज़ार रुपये के न्यूनतम खर्च पर नॉर्मल डिलीवरी करवाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। यह पहल उन गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनी है जो महंगे निजी अस्पतालों के खर्चों के आगे घुटने टेकने को मजबूर थे।

एक दिन में सात खुशियों का आगमन
मानवता की इस सेवा यात्रा का विस्तार उस समय देखने को मिला जब एक ही दिन में सात महिलाओं ने भारती हॉस्पिटल में सुरक्षित प्रसव का अनुभव प्राप्त किया। जौलपुर और सनवाडा के देवासी समाज, आखापुरा, दांतराई व असावा के प्रजापत समाज, भटाना के पुरोहित समाज और डूंगरपुर के भील समाज से जुड़ी इन महिलाओं की प्रसव प्रक्रिया डॉक्टर भार्गव देवासी के कुशल नेतृत्व में पूरी हुई। सबसे सुखद संयोग यह रहा कि सातों महिलाओं को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिससे अस्पतालों की गलियां खुशियों से गूँज उठीं और परिजनों ने डॉक्टरों का आभार जताया।

संवेदनशीलता का समागम: विभिन्न समाजों का मिला साथ
इस सेवा अभियान की परिधि में दूर-दराज के कई गांव और समाज जुड़े रहे। इन सात महिलाओं में हरनी अमरापुरा की देवासी महिला, धाण की चौधरी महिला, थल की वाल्मीकि महिला, रामसीन की घांची महिला, वाडका की कोली महिला, और उपलिफ़ली व निचलागढ़ की ग्रासिया समाज की महिलाएं शामिल थीं। भारती हॉस्पिटल ने बिना किसी भेदभाव के इन सभी महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दीं। डॉक्टरों की टीम ने प्रसव के दौरान व्यक्तिगत देखभाल की और इस बात का पूरा ध्यान रखा कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ रहें।

आशा कार्यकर्ता के प्रति सम्मान और निशुल्क सेवा
इस पूरे अभियान का सबसे प्रेरक पहलू निचलागढ़ की एक ग्रासिया महिला का मामला रहा। वह महिला स्वयं एक आशा कार्यकर्ता है, जो समाज में निरंतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाती हैं। उनकी विषम परिस्थितियों को देखते हुए भारती हॉस्पिटल प्रशासन ने उनकी डिलीवरी पूरी तरह से निशुल्क करवाकर एक नेक मिसाल कायम की। यह कार्य न केवल उस आशा कार्यकर्ता और उसके परिवार के लिए राहत का सबब बना, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति अस्पताल के सम्मान को भी दर्शाता है।

हर गरीब के लिए खुला भारती हॉस्पिटल का द्वार
अस्पताल प्रशासन ने आम जनता के लिए एक स्पष्ट और क्रांतिकारी संदेश जारी किया है। अस्पताल का कहना है कि किसी भी समाज का कोई भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, जिसके घर में गर्भवती महिला है, वह अब इलाज के लिए संकोच न करे। यदि किसी के पास आर्थिक संसाधन नहीं हैं, तो वे निःसंकोच निशुल्क प्रसव के लिए अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी तरह के आय प्रमाण पत्र या कागजी जटिलताओं की शर्त नहीं रखी गई है। भारती हॉस्पिटल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका लक्ष्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करना है, जो कि आज के दौर में प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है।



