रानीवाड़ा के आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, जो विद्या भारती विद्यालय द्वारा संचालित है, में हिंदू नव वर्ष संवत 2082 के पंचांग का विमोचन समारोह आयोजित किया गया।
प्रधानाचार्य विष्णु दान चारण ने इस अवसर पर बताया कि यह पंचांग केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि सनातन धर्म की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का एक जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पंचांग भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े हुए पर्वों, विशेष अवसरों और तिथियों का सटीक बोध कराता है। इसमें हिंदू चैत्र मास से लेकर सभी महीनों का विस्तृत विवरण बहुत सरल और रोचक ढंग से उपलब्ध है। साथ ही, आगामी सत्र के सभी कार्यक्रमों की जानकारी भी इसमें शामिल है।

समारोह के दौरान अमृत देवासी ने पंचांग में वर्णित 'पंच परिवर्तन' के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिवार जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली, सामाजिक समरसता, और नागरिक कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन पांच बिंदुओं के समुचित पालन से समाज में समृद्धि और राष्ट्र में परम वैभव की प्राप्ति संभव है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया:
- परिवार जागरूकता: समाज और राष्ट्र के उत्थान का आधार।
- पर्यावरण संरक्षण: भविष्य की पीढ़ियों के लिए सृजन का मार्ग।
- स्वदेशी जीवन शैली: सम्यक जीवन निर्वाह की ओर अग्रसर।
- सामाजिक समरसता: समाज और राष्ट्र की प्रगति का मुख्य आधार।
- नागरिक कर्तव्य: व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास का मार्गदर्शक।
इस मौके पर दिनेश देवासी, राणाराम, श्रवण कुमार, खेमराज देवासी, मनीषा शर्मा, हर्षा चौधरी, और सुनीता जी समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह को सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर अत्यधिक प्रेरणादायक माना गया। इसे भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सराहा गया।







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