जरूरतमंद दिव्यांगजनों को राहत देने के उद्देश्य से सोमवार को रानीवाड़ा पंचायत समिति सभा भवन में एक दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने का विशेष शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर दिव्यांगजनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा, जहाँ एक ही दिन में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सैकड़ों मरीजों की जाँच कर उन्हें राहत प्रदान की।
पूर्व विधायक ने पहुंचकर जानी आमजन की समस्या
शिविर में पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल ने अध्यक्षता करते हुए आमजन की समस्याओं को सुना। देवल ने मौके पर मौजूद रहकर चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और दिव्यांगजनों को वितरित किए जा रहे उपकरणों का अवलोकन किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जालौर डॉ. भैराराम जाणी ने दिव्यांग प्रमाण पत्र के महत्व और प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी, वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी रानीवाड़ा डॉ. गणपतलाल चौधरी ने शिविर की गतिविधियों से सभी को अवगत कराया।

पाँच सौ से अधिक दिव्यांगजनों को मिली राहत
इस शिविर में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएँ दीं। मनोचिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश डुडी, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जुगमाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार तथा नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र कुमार ने मरीजों का परीक्षण किया।
शिविर में कुल 560 मरीजों की जाँच की गई और उन्हें प्रमाण पत्र जारी किए गए:
- हड्डी रोग: 250
- नेत्र रोग: 150
- मनोचिकित्सा: 60
- ईएनटी (नाक, कान, गला): 100

हाथों-हाथ बांटे गए प्रमाण पत्र और उपकरण
शिविर में न केवल जाँच की गई, बल्कि जरूरतमंदों को तुरंत राहत भी दी गई। पूर्व विधायक एवं चिकित्सा अधिकारियों के हाथों से दिव्यांग प्रमाण पत्र के साथ-साथ कानों में लगाने वाले यंत्र और ट्राईसाइकिल जैसे आवश्यक उपकरण वितरित किए गए।
शिविर के सफल संचालन में चंदूलाल वरिष्ठ सहायक, इलियास खान (बीपीएम), रमेशकुमार (बीएनडी), इकरामखां सहित सभी डाटा एंट्री ऑपरेटरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस नेक कार्य में भामाशाह संजय भाई जैन रानीवाड़ा खुर्द ने भी अपना योगदान दिया, जिनके सौजन्य से शिविर में फर्नीचर, टेंट व ठंडे पानी की उत्तम व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिससे शिविर की उपयोगिता स्पष्ट हुई।







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