अतिक्रमण और स्मैक तस्करों पर कार्रवाई की उठी आवाज, ग्रामीणों ने कहा- नर्मदा के भरोसे न छोड़ें पेयजल व्यवस्था
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क
रानीवाड़ा। स्थानीय ग्राम पंचायत की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासक जेठी देवी राणा, निवर्तमान उपसरपंच अलका भाना राम बोहरा एवं जागरूक ग्रामीणों ने शिविर प्रभारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर रानीवाड़ा शहर की सुध लेने की मांग की है। ज्ञापन में शहर की ड्रेनेज व्यवस्था से लेकर कानून व्यवस्था तक के गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं।
ग्रामीणों ने शिविर प्रभारी को बताया कि रानीवाड़ा शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, क्योंकि पानी की निकासी का कोई उचित जरिया नहीं है। इस पर जिला अधिकारियों से वार्ता कर जल्द से जल्द सीवरेज लाइन की स्वीकृति जारी करवाने की मांग की गई। इसके अलावा, शहर की चरमराई विद्युत व्यवस्था पर रोष जताते हुए कहा गया कि किसी एक हिस्से में मामूली फाल्ट होने पर भी पूरे रानीवाड़ा शहर की बिजली गुल कर दी जाती है। बिजली विभाग ऐसी तकनीकी व्यवस्था करे जिससे केवल फाल्ट वाले क्षेत्र की ही बिजली कटे, पूरे शहर को भुगतना न पडे।
पेयजल संकट पर ध्यान आकर्षित करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि रानीवाड़ा की जल व्यवस्था पूरी तरह नर्मदा प्रोजेक्ट पर निर्भर है, जहां फाल्ट आने पर कई दिनों तक सूखा पड़ जाता है। इसके समाधान के लिए नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत ढाणी-ढाणी पाइपलाइन व नल कनेक्शन देने के साथ-साथ पूर्व की तरह बोरिंग व्यवस्था को भी पुनर्जीवित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में बैकअप मिल सके। रोजगार के मुद्दे पर बताया गया कि पुनः ग्राम पंचायत बनने के बाद कई पात्र परिवारों के जॉब कार्ड डिलीट हो गए हैं, जिन्हें दोबारा बनाया जाए और जी राम जी योजना में मजदूरों की संख्या को देखते हुए अधिक से अधिक निर्माण कार्य स्वीकृत किए जाएं। वहीं, न्यायालय के आदेशों की रोशनी में राज्य राजमार्गों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण व निर्माणों की जांच कर कार्रवाई करने और शहर में बढ़ रहे स्मैक के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की भी पुरजोर मांग की गई है।



