नि:संतान दंपत्तियों की मजबूरी का फायदा उठाती थी गैंग; तेलंगाना से गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली तक फैला था तस्करी का काला साम्राज्य
पालनपुर/अहमदाबाद:
पालनपुर एलसीबी पुलिस ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए ‘ऑपरेशन देव’ के तहत अंतरराज्यीय बाल तस्करी करने वाली मुरुगन गैंग की दो महिला एजेंटों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गैंग तेलंगाना के हैदराबाद और सिरपुर कागजनगर जैसे इलाकों से नवजातों की तस्करी कर उन्हें लाखों रुपये में दूसरे राज्यों में खपा देती थी। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से जाल बिछाकर रानी वेंकट रामाराव और शिवरानी मारुतीकुमार स्वामी को धर दबोचा है।
IVF सेंटरों से चुनते थे शिकार, 48 घंटे में पार कर देते थे मासूम
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ी गई महिलाएं हैदराबाद के अलग-अलग आईवीएफ (IVF) सेंटरों पर नजर रखती थीं। जिन दंपत्तियों में फर्टिलिटी की समस्या होती थी, उन्हें निशाना बनाकर ये एजेंट नवजात बच्चों का सौदा करती थीं। हैरानी की बात यह है कि जन्म के महज 24 से 48 घंटे के भीतर ही बच्चे को एक राज्य से दूसरे राज्य भेज दिया जाता था। इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना बोदाशु नागाराजू उर्फ मुरुगन है, जो पहले से ही कई राज्यों में वांटेड है।
कमीशन का खेल: 20 हजार तक की दलाली
पकड़ी गई महिला एजेंटों ने पूछताछ में कुबूल किया कि वे मुरुगन के संपर्क में रहकर बच्चों की डिलीवरी करवाती थीं। प्रति बच्चा इन्हें 15 से 20 हजार रुपये तक का मोटा कमीशन मिलता था। पुलिस ने इस मामले में एक बच्चे के पिता को भी गिरफ्तार किया है, जिसे 11 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मुख्य आरोपी मुरुगन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ अहमदाबाद डीसीबी और वडगाम थाने में भी मामले दर्ज हैं।



